आज ऑक्सीजन की किल्लत, ऐसे ही देश को कॉर्पोरेट के हाथों में सौपनें से होगी रोटी की किल्लत।

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कोविड – 19 के कारण भारत की वर्तमान स्थिति अत्यधिक दयनीय है, यह संक्रमण प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है और मृत्यु दर भी बढ़ता जा रहा है। सबसे दुखद यह है की मेडिकल संसाधनों की कमी के कारण कई लोगों की अपनी जान गवानी पड़ रही है। वर्तमान स्थिति यह है कि केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय बुनियादी जरूरतें जैसे हॉस्पिटल बेड और मेडिकल ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने में असमर्थ है।

ऑक्सीजन की कमी के कारण कहीं – कहीं संक्रमित लोग अपनी आखिरी सांसें सड़कों पर लेते हुए नज़र आ रहे हैं। वर्तमान स्थिति को देखते हुए आमजनता में भी आक्रोश पनप चुका है, जिसके चलते #आजऑक्सीजनकलरोटीजाएगी की मुहिम छेड़ दी है।

क्या #आज_ऑक्सीजन _कलरोटी_जाएगी ?
केंद्र सरकार के अनुसार मेडिकल ऑक्सीजन की पूर्ति हो रही है, अपितु वास्तविकता कुछ और ही बयां कर रही है, कई राज्यों और छोटे शहरों में संक्रमित लोग ऑक्सीजन के इंतज़ार में अपना दम तोड़ रहे हैं।
वर्तमान स्थिति का हवाला देते हुए आम जनता ने यह, #आज_ऑक्सीजन_कल_रोटी_जाएगी की मुहिम शुरू की है। यह मुहिम वर्तमान मेडिकल स्थिति और केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गयी निजीकरण की कोशिश को दर्शाती है।
केंद्र सरकार विभिन्न सरकारी स्वामित्व कंपनियों को निजी कंपनियों को देने का प्लान तैयार कर रही है जिसमे विभिन्न सरकारी बैंक, पब्लिक सैक्टर अंडरटेकिंग (PSUs) इत्यादि शामिल हैं।

उपरोक्त सरकारी कंपनियों के साथ – साथ केंद्र सरकार तीन कृषि बिल के माध्यम से कृषि को भी कॉर्पोरेट सैक्टर से जोड़ने की कोशिश कर रही है। निजीकरण के खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा और सेंट्रल ट्रेड यूनियन ने बीते माह विरोध प्रदर्शन भी किया था।
वर्तमान स्थिति और विभिन्न क्षेत्रों को लेकर केंद्र सरकार के इस रवैये से आम जनता असमंजस में है और यह सोचकर विचलित है की उनका आने वाला भविष्य कैसा होगा।

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