300 किसानों के शहीद होने पर भारत देश ने किया किसानों को नमन | #300DeathsAtProtest

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300 किसानों के शहीद होने पर भारत देश ने किया किसानों को नमन | #300DeathsAtProtest

300 किसानों के शहीद होने पर भारत देश ने किया किसानों को नमन | #300DeathsAtProtest

आज देश भर में उन सभी किसानों को श्रद्धांजलि दी गई थी जो दिल्ली सीमा पर काले कृषि कानूनों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे और शहीद हुए । बता दें कि कृषि बिलों के खिलाफ तकरीबन 4 महीने से किसान आंदोलन कर रहे हैं और इसीलिए किसानों ने दिल्ली की सीमाओं पर अपना विरोध प्रदर्शन जारी किया हुआ है।

आंदोलन के दौरान पिछले कुछ महीनों में 300 किसानो ने तानाशाही सरकार के खिलाफ संघर्ष में अपनी जान गवाँई, जिनमें से अधिकतर मृत किसान पंजाब राज्य से संबंध रखते हैं। प्रदर्शन के दौरान जिन किसानों ने अपनी जान गंवाई उनके परिवार वालों के दिल पर क्या गुजरी होगी यह हम सोच भी नहीं सकते क्योंकि हर इंसान अपने घर के लिए बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है बल्कि बहुत से तो ऐसे लोग भी शहीद हुए जो कि अकेले अपने घर का बोझ संभालने वाले थे।

इसीलिए आज सुबह से ही ट्विटर पर #300DeathsAtProtest ट्रेंड में रहा जिससे कि हजारों लोगों ने सभी शहीद किसानों को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ-साथ अपना समर्थन भी किसान आंदोलनकारियों को दिया।

वैसे देखा जाए तो हमारे देश की सरकार के लिए यह बहुत शर्म की बात है कि इतने लोगों की जान जाने के बाद भी सरकार ने अपना रवैया बेहद सख्त बनाया हुआ है और कृषि कानूनों में किसी भी तरह के बदलाव से इनकार कर दिया है। जिससे कि यह साफ होता है कि सरकार की नजरों में किसी भी व्यक्ति की जान की कोई कीमत नहीं है लेकिन जिन लोगों ने अपने घर के किसी एक सदस्य को खोया है उन सभी में दुख के साथ साथ आक्रोश भी है।

काले कृषि कानूनों के विरोध के दौरान शहीद हुए किसान –

हम कुछ शहीद किसानो के बारे में जानकारी निम्नलिखित आपको बता रहे हैं –

1, जनक राज 55 साल के थे और उनकी मृत्यु 30 नवंबर 2021 में प्रदर्शन के दौरान हुई थी आज हम सोच भी नहीं सकते कि उनके परिवार वाले आज कैसी स्थिति में होंगे।

2, धन्ना सिंह के उम्र 45 साल थी यह व्यक्ति भी किसान आंदोलन में शामिल हुए थे। उन्होंने अपनी जान 28 नवंबर 2021 को प्रदर्शन के दौरान गंवाई थी।

3, गज्जन सिंह की उम्र 55 साल की थी और वह लुधियाना के रहने वाले थे एवं उनकी मृत्यु आंदोलन के दौरान 28 नवंबर को हुई थी।

4, बलजिंदर सिंह गिल की उम्र मात्र 32 साल की थी और इतनी कम उम्र में ही उनकी मृत्यु हुई थी। बता दें कि बलजिंदर लुधियाना के रहने वाले थे और 1 दिसंबर 2021 को वह किसान आंदोलन की भेंट चढ़ गए।

5, गुरबचन सिंह सिबिया एक वृद्ध थे जिनकी उम्र 80 साल थी उनकी मृत्यु 2 दिसंबर 2021 को किसान प्रदर्शन के दौरान हुई थी। यह बहुत शर्मनाक है कि किसान आंदोलन के दौरान हमने 80 साल के वृद्ध को भी जान गंवाते हुए देखा।

6, कमलजीत पाल सिंह सिरसा के रहने वाले थे और 7 दिसंबर 2021 को वह भी किसान आंदोलन के दौरान सरकार की जिद के आगे भेंट चढ़ गए थे।

7, राम मेहर की आयु केवल 42 साल की थी और वह हिसार के रहने वाले थे। बता दें कि उनकी मृत्यु भी किसानों के प्रदर्शन के दौरान ही हुई थी जोकि 7 दिसंबर 2021 को अपने परिवार से हमेशा हमेशा के लिए दूर हो गए।

8, अजय मोरे सोनीपत के रहने वाले थे और उनकी आयु सिर्फ 32 साल की थी एवं 8 दिसंबर 2021 को वह भी इस आंदोलन के दौरान इस संसार से विदा हो गए।

9, किताब सिंह चहल उम्र 60 साल की थी और यह सीनियर सिटीजन भी 8 दिसंबर 2021 को इस दुनिया से चले गए और अपने परिवार के लिए छोड़ गए।

10, जुगराज सिंह अमृतसर के रहने वाले थे और 22 साल की थी। बता दें कि 9 दिसंबर को वह भी किसान आंदोलन के दौरान इस दुनिया को अलविदा कह गए थे।

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