शपथ से पहले ही वीआईपी नंबर मांगने लगे AAP सांसद सुशील गुप्‍ता, मिला ये जवाब

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दिल्ली– आम आदमी पार्टी भले ही अपनी स्थापना के समय से ही वीआईपी कल्चर से दूर रहने की बात करती रही है, मगर हाल ही में दिल्ली में AAP पार्टी से राज्यसभा भेजे गए सुशील गुप्ता कुछ ज्यादा ही ‘आम से खास’ होने की सुविधा चाहते हैं। गुप्‍ता ने राज्यसभा सदस्य की शपथ लेने से पहले ही गाड़ी के लिए वीआईपी नंबर की मांग कर दी। हालांकि गुप्‍ता को मायूस होना पड़ा, क्योंकि सांसद की मन पसंद का नंबर विभाग के पास मौजूद नहीं था तो विभाग ने गुप्ता को दूसरा नंबर चुनने को कहा।

सुशील गुप्ता ने राज्यसभा सांसद बनने के बाद अपनी गाड़ी के लिए वीआईपी कल्चर से नंबर 0001 की फरमाइश कर दी। जिस पर विभाग ने सांसद को पत्र लिखकर कहा कि फिलहाल संबंधित नंबर उपलब्ध नहीं है ओर वे कोई और नंबर ले सकते हैं। बाद में सांसद गुप्‍ता के वाहन के लिए 0009 नंबर विभाग ने आवंटित हुआ।

सेक्रेटरी ने कहा था, वीआईपी कल्चर से नंबर ले लीजिए : सांसद सुशील गुप्‍ता…

खास बात है कि खुद सुशील गुप्ता ने स्वीकार किया है कि राज्यसभा सांसद बनने के बाद ही उन्होंने विशेष नंबर के लिए आवेदन किया। इससे पहले उनके पास वीआईपी कल्चर की कोई कार नहीं थी। ओर अब सांसद को जल्दी इतनी थी कि शपथ ग्रहण से पहले ही उन्होंने वीआईपी नंबर लेने के लिए RTO में आवेदन कर दिया था। उधर सांसद गुप्‍ता का कहना है कि उनके सेक्रेटरी ने वीआईपी नंबर लेने के लिए कहा था। जब उनकी मन के मुताबिक 0001 नंबर नहीं मिला तो विभाग ने दूसरे 0009 नंबर एलॉट किया।

सांसद को वीआईपी नंबर के लिए 3 लाख के शुल्क से छूटऔर अब सभी और लोग लोग एकजुट…

दरअसल, दिल्ली में सांसद, विधायक, आईएएस अधिकारी, उच्च स्केल वाले दानिक्स अधिकारी को पांच साल की अवधि के दौरान वीआईपी कल्चर से 140 नंबर में से कोई भी मनपसंद नंबर बिना किसी शुल्‍क के दिए जाने की छूट का प्रावधान है. हालांकि, दैनिक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक विभाग के पास जुलाई 2017 के बाद से 0001 नंबर नीलामी के लिए नहीं आया है, लिहाजा, ऐसे में जब भी कोई जनप्रतिनिधि 0001 नंबर की मांग करता है तो विभाग की तरफ मना कर, उनसे दूसरे नंबर का विकल्‍प पूछकर दूसरे नंबर का विकल्‍प दिया जाता है और इस बाबत राजी होने पर संबंधित अधिकारी, जन प्रतिनिधि को यह नंबर आवंटित कर दिया जाता है. गौर करने वाली बात है कि आम आदमी पार्टी के सांसद को आवंटित किए गए वीआईपी नंबर 0009 की नीलामी तीन लाख रुपए से शुरू होती है.

मीडिया रिपोर्ट में कहा गया कि सुशील गुप्ता ने वीआईपी नंबर लेने के पीछे तर्क दिया कि- इससे भीड़ में आसानी से गाड़ी निकल जाती है।

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