राजस्थान के उपचुनावों के नतीजे देख भड़के कुमार विश्वास, इशारों में केजरीवाल पर कसा तंज

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नई दिल्ली– राजस्थान प्रदेश हाल ही में २ लोकसभा और १ विधानसभा सीट पर हुए उपचुनावों के गुरुवार को आये नतीजों में में यूं तो हार का सामना बीजेपी को करना पड़ा है। लेकिन इसी बहाने कुमार विश्वास ने अपने ट्विटर पर टिपण्णी में लिखा है कि- “करोड़ों लोगों द्वारा देखे गए वैकल्पिक राजनीति की सम्भावनाओ को सवप्न को असुरक्षा अबोध ग्रसित आत्ममुग्ध बौनों ने अगले २०-३० साल के लिए तबाह क्र ही दिया”।
आपको बता दे की प्रदेश में हुए उपचुनावों के आए परिणामों में कांग्रेस ने बहुत ही अच्छा पर्दशन करते हुए बहुत बड़े अंतर् के साथ जीत दर्ज की है। अलवर, अजमेर लोकसभा और मांडलगढ़ विधानसभा के उपचुनावों के गुरुवार को आये नतीजों में कांग्रेस ने भाजपा को तीनों जगहों पर ही पटकनी दे दी है। मांडलगढ़ से कांग्रेस प्रत्यासी विवेक धाकड़ बीजेपी प्रत्यासी शक्ति सिंह हाडा को १२९७६ वोटों से हराकर विधानसभा सीट पर चुनाव जीता। बीजेपी को अजमेर और अलवर लोकसभा सीट भी लम्बे अंतराल से गवानी पड़ी, हालाँकि बीजेपी अभी इस हार से आहत है। और तीनों सीटों पर हुई इस शर्मनाक हार से पार्टी में खलबली मची हुई है।
आप के राजस्थान प्रदेश प्रभारी और विख्यात कवि कुमार विश्वास ने ट्विटर के जरिये कहा की राजस्थान प्रदेश में हुए उपचुनाव के नतीजे बताते हैं कि देश एक बार फिर से कांग्रेस और बीजेपी जैसे दलों के चंगुल में फंस गया है। उन्होंने ट्वीट किया, “आज का #RajasthanByPolls निर्णय यही सूचित कर रहा है कि देश शायद फिर एक बार, इन्हीं दोनों पारंपरिक दलों के चंगुल में फँस गया है। करोडों लोगों द्वारा देखे गए नई वैकल्पिक राजनीति की संभावनाओं के स्वप्न को, असुरक्षा-बोध ग्रसित आत्ममुग्ध बौनों ने अगले 20-30 साल के लिए तबाह कर ही दिया।

आपको बता दें कि कुमार विश्वास आम आदमी पार्टी की ओर से राज्यसभा में ना भेजे जाने पर आलाकमान से नाराज चल रहे हैं। और डॉ कुमार विश्वास अपनी नाराजगी यदा-कदा राजनीतिक और साहित्यिक मंचों पर खुलेआम जाहिर करते रहते हैं। विश्वास का यह ट्वीट इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि आम आदमी पार्टी राजस्थान प्रदेश इसी साल के अंत महीनों में होने वाले विधानसभा चुनाव में पहली बार पूरे दमखम के साथ चुनावी मैदान में उतरने मानस बना रही है। कहने के लिए तो आप ने कुमार विश्वास को राजस्थान का प्रभारी बनाया है, लेकिन राज्यसभा ना भेजे जाने के बाद से कुमार विश्वास की प्रदेश में पार्टी के प्रति सक्रियता कम हो गई है।
कुमार विश्वास ने राजयसभा भेजे जाने की केंद्रीय नेतृत्व से मांग रखी थी जबकि विश्वास को राजस्थान का प्रभारी बनाया था कि आप जाओ और प्रदेश में संगठन को मजबुताई के साथ खड़ा करो लेकिन कुमार ने संगठन आगे बढ़ाने की बजाय पहले से बने संगठन में आपसी मनमुटाव फैलाकर पुरे संगठन को समाप्त क्र दिया। पिछले दिनों मिडिया रिपोर्टर्स और पार्टी की अंदरूनी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पार्टी कुमार को अजमेर से लोकसभा उपचुनाव लड़वाना चाहती थी लेकिन कुमार ने राजयसभा जाने की हठ(जिद) थी।

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