मानहानि मुकदमा: अरुण जेटली ने कवि कुमार विश्वास के माफ़ीनामी चिट्टी पर किया केस लिया वापस

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दिल्ली। बीजेपी के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने सोमवार को आप नेता और कवि डॉ.कुमार विश्वास के खिलाफ किया मानहानि का मुक़दमा वापस ले लिया है। उल्लेखनीय है कि कवि कुमार विश्वास ने अरुण जेटली को चिट्ठी लिख सफाई देते हुए डीडीसीए मामले में अपना पक्ष स्पष्ट किया और मुकदमा वापस लेने की अपील की थी। जेटली के वकील ने बताया कि कुमार विश्वास की सफाई के हमने उनकी माफी स्वीकार कर ली है।

इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने डॉ.कुमार विश्वास को डीडीसीए मामले में अंतिम बयान दर्ज कराने की मोहलत दी थी। आप नेता कुमार विश्वास ने जस्टिस राजीव सहाय एंडलॉ को बताया था कि पूर्व में उन्होंने जो भी बयान दिए है, वे सभी आप सहयोजक अरविंद केजरीवाल के इशारे पर दिए गए थे और केजरीवाल इस मामले में पहले ही माफ़ी मांग इस डीडीसीए केस से फ्री हो चुके तो अब ‘मैं व्यक्तिगत रूप से इस मामले में आगे बढ़ने का इच्छुक नहीं हूं’। विश्वास ने आगे कहा, उन्होंने जो कुछ भी कहा, वह केजरीवाल के कहे का दोहराव था।

गौरतलब है कि डीडीसीए मानहानि केस में आप सहयोजक केजरीवाल समेत आप अन्य आप के चार नेता राघव चड्डा, संजय सिंह, आशुतोष और दीपक वाजपेयी द्वारा माफ़ी मांग लिए जाने के बाद विश्वास इस मामले में अकेले रह गए थे। जिनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा चल रहा था। विश्वास ने जेटली को लिखी चिट्टी में स्पष्ट किया कि किस-तरह केजरीवाल ने उन्हें, पार्टी कार्यकर्ताओं और देश को धोखे में रख कर कुछ तथाकथित सबूतों का हवाला देते हुए आप(जेटली) पर आरोप लगाए थे। विश्वास के इस पत्र के आधार पर बीजेपी नेता अरुण जेटली ने मानहानि मुक़दमा वापस ले लिया है।

विश्वास ने चिट्टी में लिखते वक्त सफाई में यह भी कहा था कि अगर उनके बयान से जेटली जी की भावनाओं को ठेस लगी हो तो वे इसके लिए वे खेद जताते है।

उल्लेखनीय है कि बीजेपी नेता अरुण जेटली के द्वारा डीडीसीए केस में दस करोड़ रुपए की मानहानि का केस आप नेताओं पर किया गया था। पिछले दिनों अरविंद केजरीवाल समेत अन्य सभी नामजदों ने अरुण जेटली से माफ़ी मांग ली थी, जिसके बाद अरुण जेटली ने उनके ख़िलाफ़ केस वापस ले लिया था। इसमें अरविंद केजरीवाल के अलावा आशुतोष, संजय सिंह, राधव चड्ढा और दीपक वाजपेयी पर केस था, लेकिन सभी ने गत एक अप्रैल को संयुक्त आवेदन देकर माफी मांगी थी, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर शिकायत वापस लेने की इजाजत दे दी थी।

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