मध्यप्रदेश: एक नेता ऐसा भी जो वायदे स्टाम्प पेपर पर लिख के देता है !

केजरीवाल ने आज राज्य में एक रैली भी की है , उन्होंने अपने मुख्यमंत्री उम्मीदवार का नाम भी घोषित कर दिया है, उन्होंने आलोक अग्रवाल को इस लायक समझा है जोकि IIT से पढ़े है और नर्मदा आन्दोलन में शामिल रहे है |

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मध्यप्रदेश: प्रदेश में आने वाले समय में चुनाव होने वाले है , ऐसे में सभी पार्टियाँ चुनाव को लेकर अपना अभियान शुरू कर चुकी हैं, प्रदेश में पिछले कई सालों से बीजेपी का राज है लेकिन जिस प्रकार से जनता में उनके नेताओ के प्रति माहौल बन रहा है उसके अनुसार ये चुनाव जितना सत्ताधारी बीजेपी के लिए मुश्किल जरुर होगा |

विपक्ष में बैठी कांग्रेस भी अपने नेता कमलनाथ और ज्योतिरादित्य के सहारे अभियान में लगी हुई है, हालंकि पार्टी के कुछ अंदरूनी विवाद भी खुलकर सामने आ रहे है | जिसको लेकर जनता में पार्टी की छवि बिगडती जा रही है |

इस बार चुनाव में एक नई पार्टी भी उतर रही है वो है आम आदमी पार्टी , जिसके मुखिया है अरविन्द केजरीवाल जो की दिल्ली के मुख्यमंत्री भी है, आपको बता दें उनकी पार्टी दिल्ली में भारी बहुमत के साथ जीती थी , लेकिन केंद्र सरकार से टकराव के कारण 3 साल से केजरीवाल काम ना करने देने का आरोप लगा रहे थे, हाल ही में आये सुप्रीम कोर्ट के फैसले से भी साफ़ हुआ है की केंद्र के बैठाये उपराज्यपाल सरकार के हर काम को रोक रहे थे |

केजरीवाल ने आज राज्य में एक रैली भी की है , उन्होंने अपने मुख्यमंत्री उम्मीदवार का नाम भी घोषित कर दिया है, उन्होंने आलोक अग्रवाल को इस लायक समझा है जोकि IIT से पढ़े है और नर्मदा आन्दोलन में शामिल रहे है |

केजरीवाल ने पार्टी के सम्मेलन के दौरान मध्यप्रदेश में पिछले 15 साल से सत्तारूढ़ भाजपा पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि राज्य में शासकीय स्कूलों की हालत बेहद खराब है.

आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज मध्यप्रदेश में चुनावी बिगुल फूंकते हुए घोषणा की कि इस साल के आखिर में होने वाले विधानसभा चुनाव में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आलोक अग्रवाल दल की ओर से मुख्यमंत्री पद के दावेदार होंगे. केजरीवाल ने यहां पार्टी के राज्यस्तरीय पदाधिकारी सम्मेलन में मुख्यमंत्री पद के दावेदार के रूप में अग्रवाल के नाम पर औपचारिक मोहर लगायी.

51 वर्षीय अग्रवाल आप की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य भी हैं. वह जनवरी 2014 में आप में शामिल होने से पहले गैर सरकारी संगठन नर्मदा बचाओ आंदोलन के लिये भी काम कर चुके हैं. उन्होंने वर्ष 1989 में आईआईटी कानपुर से केमिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक. की उपाधि हासिल की थी. इस मौके पर अग्रवाल ने मध्यप्रदेश के आगामी विधानसभा चुनावों के लिये पार्टी का घोषणा पत्र भी जारी किया. खास बात यह है कि इसे बाकायदा 100 रुपये के स्टाम्प पत्र पर नोटरीकृत हलफनामे के रूप में जारी किया गया. चुनावी घोषणा पत्र के 30 सूत्रीय वादों में सूबे के किसानों का सम्पूर्ण कर्ज माफ किया जाना, कृषि क्षेत्र के लिये मुफ्त बिजली, युवा रोजगार सुरक्षा कानून का निर्माण और बेरोजगारों को 1500 रुपये से 3000 रुपये प्रति माह का जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाना प्रमुख हैं.

आलोक अग्रवाल ने अपने सभी वायदों को शपथ पत्र में लिखके साफ़ किया है की वे सभी वो काम करेंगे जो उन्होंने पत्र में लिखे है, प्रदेश में शायद ये पहली बार ही हो रहा है जब कोई पार्टी का नेता ऐसी घोषणा शपथ पत्र के जरिये कर रहा हो , अब देखना होगा जनता किसे चुनती है |

 

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