एएनएम भंवरी देवी प्रकरण मैं परसराम विश्नोई के जमानत आवेदन पर सुनवाई पूरी हुई, निर्णय सुरक्षित

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जोधपुर ।

राजस्थान हाईकोर्ट में बुधवार को कई दिनों से बहुचर्चित एएनएम भंवरी के अपहरण व हत्या मुकदमे में सह आरोपी व केन्द्रीय कारागृह में न्यायिक हिरासत में बंद परसराम विश्नोई की ओर से पेश चोथी जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। जस्टिस निर्मलजीत कौर ने बुधवार को सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया।
याचिकाकर्ता की ओर से जयपुर से आए अधिवक्ता हेमंत नाहटा ने अपने सहयोगियों हनुमान खोखर व संजय विश्नोई के साथ बहस करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता के खिलाफ अब तक की सुनवाई में किसी भी गवाह ने किसी तरह की गवाही नहीं दी है। यहां तक कि सीबीआई की ओर से पेश किए गए अनेक गवाह पक्षद्रोही घोषित हो चुके हैं। यही नहीं, सीबीआई की ओर से पेश गवाहों की सूची में से आधे से अधिक नाम वापस ले लिए गए हैं। यानी लगभग पांच साल से भी अधिक समय से जेल में बंद है तथा उसके संविधानिक अधिकारों के तहत उसे आजादी मिलनी चाहिए।

वहीं अभियोजन पक्ष सीबीआई की ओर से भोपाल से आए सीबीआई के विशिष्ट लोक अभियोजक एजाज खान, लोक अभियोजक पन्नेसिंह रातडी ने लूणी के पूर्व विधायक और इसी मामले के सह आरोपी मलखान सिंह के भाई परसराम विश्नोई को जमानत दिए जाने का विरोध किया तथा कहा कि अभी कई अहम गवाह आने बाकी है जिसके साथ इनको क्रॉस एग्जाम किया जाएगा।

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