इस दूल्हे को भी नहीं पता था कि घर दुल्हन लेकर लौटेगा, सारे बाराती भी थे बेखबर

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झुंझुनू। शेखावाटी अंचल के झुंझुनू की सिंघाना क्षेत्र के डूमोली खुर्द गांव में अनूठी शादी हुई। जब घर में किसी मेंबर की शादी हो तो सभी लोग और दूल्हा-दुल्हन पल-पल की खबर रखते हैं। समान्यत बारातियों को भी पता होता है कि कब एवं कहा बारात पहुंचेगी। कब शादी के फेरे व अन्य इससे मिलती जुलती रस्में पूरी होंगी, मगर जो शादी शनिवार को हुई उसमें हर कोई इन सब से अनजान था। खुद दूल्हे को भी यह मालुम नहीं था कि वह घर दुल्हन लेकर लौटेगा और दुल्हन ने भी सोचा तक नहीं था कि वह आज ही बाबुल के घर से विदा होकर ससुराल चली जाएगी। यह शादी रविवार की शाम को झुंझुनूं जिले के सिंघाना क्षेत्र के गांव डूमोली खुर्द में हुई। दूल्हे के परिजन यहां सगाई करने पहुंचे थे, मगर शादी ही कर दी गई।

इस शादी ने समाज को दिया संदेश…..

-डूमोली खुर्द के दयाराम मेघवाल की बेटी सुषमा और पूरा की ढाणी झुंझुनूं निवासी सवाईसिंह भूरिया के इकलौते बेटे शैलेष के साथ सगाई होनी थी।
-सगाई हो गई थी। अन्य रस्में चल रही थी कि इसी दौरान शैलेष(दुल्हे) के मामा श्रवण कुमार ने बिना दहेज की शादी की चर्चा छेड़ दी।
-चर्चा चली कि दुल्हे के शिक्षक पिता सवाईसिंह पहले भी अपनी दो बेटियों की बिना दहेज के शादी की थी।
-बातों ही बातों में शैलेष(दुल्हे) के परिजनों ने दुल्हन के परिजनों के सामने बिना दहेज की शादी करने का प्रस्ताव रख दिया।
-दूल्हे पक्ष का यह प्रस्ताव दुल्हन के परिजनों ने तुरंत स्वीकार कर लिया और दोनों पक्षों की रजामंदी से उसी समय शादी का निर्णय किया।
-हाथों-हाथ साधारण मंडप सजाया गया और शैलेष व सुषमा की सादगी से बिना दहेज के शादी कर दी गई।
-सगाई में आए परिजनों ने दूल्हा-दुल्हन को आशीर्वाद दिया।
– दुल्हन के पिता दयाराम सिंघाना के बड़ौदा राजस्थान ग्रामीण बैंक में मैनेजर दूल्हे के पिता सवाईसिंह भूरिया झुंझुनूं के केन्द्रीय विद्यालय में एचएम पद पर कार्यरत हैं। 
-शैलेष कस्टम विभाग में इस्पेक्टर व सुषमा केन्द्रीय कपड़ा मंत्रालय नई दिल्ली में अकाउंटेड पद पर कार्यरत है।

दूल्हे की तीनों बहनें नौकरी में…..

शैलेष तीन बहनों का इकलौता भाई है। इसकी बड़ी बहन इंदू भूरिया बीकानेर के इंजीनियर कॉलेज में असीस्टेंट प्रोफेसर है। इसकी शादी केन्द्रीय मंत्री अर्जूनलाल मेघवाल के भतीजे से बिना दहेज के हुई थी। दूसरी बहन रिचा भूरिया माखर में व्याख्याता है। सबसे छोटी बहन बहन साहिल भूरिया सुरतगढ़ में बिजली प्लांट में जेईएन के पद पर कार्यरत है।

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