अंबेडकर जयंती के उपलक्ष्य में किसानों ने मनाया किसान बहुजन एकता दिवस।

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केंद्र सरकार द्वारा लागू किए तीन नए कृषि कानून के विरोध में लगभग पिछले पाँच माह से किसानों का प्रदर्शन दिल्ली बार्डर पर जारी है। इस किसान आंदोलन को ध्यान में रखते हुए संयुक्त किसान मोर्चा ने 14 अप्रैल को बाबासाहेब भीम राव अंबेडकर की 130वीं जयंती को किसान बहुजन एकता दिवस और संविधान बचाओ दिवस के रूप में मनाया।

किसान बहुजन एकता दिवस के उपलक्ष्य में दिल्ली के विभिन्न बार्डर गाजीपुर, कुंडली, सोनीपत, टीकरी इत्यादि जगहों पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए और बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की मूर्ति पर पुष्पा अर्पण किए गए। इसके अलावा लगभग प्रत्येक प्रदर्शनकारी स्थान के मुख्य मंच को दलितों और बहुजन समाज के लोगों के हाथों में सौपा गया।

अंबेडकर जयंती/ किसान बहुजन एकता दिवस/ संविधान बचाओ दिवस:-

  • डॉ बी. आर अंबेडकर के जन्मदिवस (14 अप्रैल) के उपलक्ष्य में अंबेडकर जयंती मनाई जाती है। इसके अलावा इन्हे भारतीय संविधान का पिता भी कहा जाता है।
  • डॉ बी. आर अंबेडकर ने बहुजनों और दलितों को समाज में एक समान अधिकार दिलाने की कोशिश की तथा मानवअधिकारों के लिए आंदोलन भी किए।
  • संविधान और किसानों तथा मानवअधिकारों को सुरक्षित करने के लिए किसान संघ मोर्चा ने अंबेडकर जयंती को किसान बहुजन एकता दिवस और संविधान बचाव दिवस के रूप में मनाया है।

बहुजन एकता दिवस और संविधान बचाओ दिवस कार्यक्रम में हरियाणा, पंजाब, पश्चिमी उत्तरप्रदेश के किसानों ने हिस्सा लिया। इसके अलावा भीम आर्मी के प्रमुख चन्द्रशेखर आजाद भी प्रदर्शनकारियों के साथ इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया और केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए तीन नए कृषि कानून के खिलाफ आवाज़ भी उठाई।

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