गुजरात में स्थानीय चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को उम्मीदों के मुताबिक सफलता हाथ नहीं लगी, आगामी विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा के लिए संकट हो सकता है

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अहमदाबाद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राज्य के बोटाद जिले में सिंचाई योजना का उद्घाटन करने के महीनेभर के अंदर ही भाजपा स्थानीय ऐग्रिकल्चरल प्रड्यूस मार्केट कमिटी (APMC) के चुनाव हार गई है। बोटाद APMC पर 10 साल तक राज करने के बाद पार्टी इस बार यहां आठों सीटें गंवा बैठी। चुनाव के नतीजे शनिवार को जारी किए गए। माना जा रहा है कि राज्य में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए यह पार्टी के लिए तगड़ा झटका है। बोटाद कांग्रेस प्रेजिडेंट डी.एम.पटेल के प्रतिनिधित्व वाले पैनल ने सभी आठों सीटों पर जीत हासिल की है।

ये नतीजे BJP कार्यकर्ताओं के बीच हाथापाई तक का कारण बन गए। आरोप है कि APMC के एक डायरेक्टर ने सेवामुक्त चेयरमैन भीखा लानिया को ‘परिस्थितियां बिगाड़ने’ का जिम्मेदार ठहराते हुए थप्पड़ तक जड़ दिया।

गौरतलब है कि पिछले दिनों 17 अप्रैल 2017 को ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस जिले में सौराष्ट्र नर्मदा अवतरण इरिगेशन (SAUNI) योजना के नये चरण की नींव रखने आए थे। पार्टी के सूत्रों का कहना है कि उन्हें इन चुनावों में प्रधानमंत्री की उपस्थिति का फायदा मिलना चाहिए था लेकिन स्थानीय स्तर पर पार्टी में आपसी मतभेद के चलते इस करारी हार का सामना करना पड़ा।

भाजपा किसान मोर्चा के प्रेजिडेंट बाबू जेबालिया बोटाद के रहने वाले हैं जिसका कुछ हिस्सा भावनगर जिले से निकला है और गुजरात भाजपा अध्यक्ष जीतू वघानी भावनगर से ही हैं। पाटीदार अनामत आंदोलन समिति (PAAS) भाजपा की हार पर खुश है। समिति के बोटाद के संयोजक दिलीब साबवा ने कहा, ‘ये नतीजे किसानों के बीच BJP को लेकर फैली नाराजगी दिखाते हैं और यह हार इस बात का सबूत है कि मोदी के वादे भी किसानों की नाराजगी दूर नहीं कर पाए हैं। पुलिस ने मोदी की गुजरात यात्रा के दौरान 11 पाटीदार युवकों को पीटा था, इसके कारण यहां काफी विरोध प्रदर्शन भी हुआ था।’

जेबालिया कहते हैं, ‘हम जनादेश स्वीकार करते हैं और हार के कारणों पर चिंतन करेंगे।’ राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सौराष्ट्र पर पकड़ बनानी है तो बोटाद को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यहां दो विधानसभा (गधादा और बोटाद) सीटें भी हैं।

BJP इस बात से संतुष्ट होने की कोशिश कर रही है कि राज्य की 200 APMC में से ज्यादातर पर अभी भी उसी का कब्जा है हालांकि इनका चुनाव पार्टी सिंबल पर नहीं लड़ा जाता है। जबेलिया दावा करते हैं, ‘राज्य में 200 APMC हैं और इनमें से ज्यादातर BJP के पास हैं।’

वहीं इस जीत से खुश कांग्रेस का कहना है कि BJP की किसानों के बीच पैठ कम हो रही है। कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. मनीष दोषी का कहना है, ‘वाधवान, बगसारा, गरियाधर और सावरकुंडला की APMC के बाद यह BJP की पांचवीं हार है। किसानों ने BJP के खिलाफ अपना गुस्सा निकाला है क्योंकि उन्हें कपास और मूंगफली के उचित दाम नहीं मिले।’

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