एनडीए में कलह, जदयू के दावें से बीजेपी हैरान

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दिल्ली। देश में लोकसभा चुनाव होने में भलेही एक साल से ज्यादा का वक्त हो, लेकिन फिर भी सभी राजनितिक दलों ने इसकों लेकर अभी से मंथन करना शुरू कर दिया है। राजनितिक विश्लेषकों का मानना है कि अगली साल होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए अभी से अपने-अपने समर्थित दलों के साथ मिलकर रणनीति बना तरह-तरह के समीकरण बनाने शुरू कर दिया है। इसी क्रम में इन लोकसभा चुनावों में जीत हासिल करने के लिए जहां एक तरफ महागठबंधन की तैयारी है तो वहीं दूसरी ओर कई पार्टियों में मतभेद भी देखने को मिल रहा है। कुछ ऐसा ही हाल अब एनडीए का हिस्सा जेडीयू का है।

जदयू की 25 सीटों की मांग से एनडीए में रार…

शिवसेना के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एनडीए गठबंधन के सामने एक बड़ी शर्त रख दी है, जिससे अब पीएम मोदी और अमित शाह की योजना पर खतरे के बादल मंडराते नजर आ रहे है। जदयू के नीतीश कुमार ने मोदी सरकार की कमजोरी को समझते हुए आगामी लोकसभा चुनावों के लिए गठबंधन के सामने एक ऐसी शर्त रख डाली जो शायद ही पूरी हो सकेगी। नीतीश कुमार ने एनडीए नेतृत्व को साफ कर दिया है कि बिहार प्रदेश में सबसे बड़ी पार्टी जदयू हे और उन्हें लोकसभा चुनावों में उसे 25 सीटें चाहिए। नीतीश 2019 चुनाव को भी 2014 के नजरिये से देखते नजर आ रहे है, लेकिन एनडीए के लिए जदयू की इस मांग को पूरा करने नामुमकिन सा है।

बता दे कि बिहार में 40 लोकसभा सीटें है जिनमें से जदयू की मांगनुसार 25 सीटें उन्हें देने पर एनडीए के पास केवल 15 सीट रह जायेंगीं , जिसके लिए बीजेपी के 7 सांसदों को अपने पदों का त्याग करना पड़ेगा। जदयू की हालत को समझते हुए एनडीए 10-15 सीटें उसे दे सकती है क्योंकि उसे और सीटें अन्य सहयोगी दलों को भी दे राजी करना है। बिहार की इन लोकसभा सीटों के बटवारे को लेकर 7 जून को होने वाली बैठक में विस्तार से चर्चा हो सकती है।

दरअसल आपको बता दे कि पिछले बिहार विधानसभा चुनाव में नितीश कुमार के नेतृत्व में जदयू पार्टी सबसे बड़ी बनकर सामने आई थी। इसके साथ ही बिहार में जदयू खुद को बड़ा भाई मानते हुए नीतीश के चेहरे पर चुनाव लड़ना चाहती है, लेकिन बीजेपी नीतीश को सिर्फ बिहार जबकि मोदी को देश के नेता के रूप में उनके चेहरे पर चुनाव लड़ना चाहती है।

बता दें कि 2014 के लोकसभा चुनाव में बिहार की 40 सीटों में से एनडीए गठबंधन ने 31 सीटें जीती थीं, इसमें बीजेपी-22, एलजेपी-6, आरएलएसपी-3 सीटें मिली थीं और आरजेडी-4, जदयू-2, कांग्रेस-2 और एनसीपी-1 सीट पर जीत मिली थी।

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