संसद के इस फैसले के बाद अब शी जिनपिंग ताउम्र रहेंगे राष्ट्रपति

चीन में तानाशाही की नई मिसाल: जब तक चाहें, तब तक चीन के प्रेसिडेंट रह सकते हैं शी जिनपिंग

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चीन की संसद ने राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के लिए महज दो कार्यकाल की अनिवार्यता को आज खत्म कर दिया। रविवार को दो तिहाई बहुमत से खत्म कर देश के मौजूदा राष्ट्रपति शी जिनपिंग के लिए जीवनभर शीर्ष पद पर बने रहने का रास्ता साफ़ हो गया है। संविधान संशोधन के बाद 64 वर्षीय शी के ताउम्र चीन का नेता बने रहने के मार्ग का अवरोध समाप्त हो गया है।

कैसे हुआ यह बदलाव?

नेशनल पीपुल्स कांग्रेस के करीब 3,000 सांसदों ने चीनी संसद में देश के राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति को महज दो कार्यकाल देने की अनिवार्यता खत्म करने के कानून पर मतदान किया। सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी आफ चाइना( सीपीसी) के शीर्ष संगठन की सात सदस्यीय स्थाई समिति ने इस संशोधन कको आम सहमती से पहले ही मंजूरी दे दी थी।

मिल गई मंजूरी…

बता दें कि नेशनल पीपुल्स कांग्रेस(एनपीसी) को देश के ऐसे संसद के तौर पर देखा जाता है जिसके पास कोई अधिकार नहीं है और जो हमेशा सीपीसी के सभी प्रस्तावों को मंजूरी दे देता है। ऐसे में इस संविधान संशोधन के भी संसद में बिना किसी रूकावट के पारित होने की उम्मीद पहले से ही जताई जा रही थी।

पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष माओत्से तुन्ग के बाद पिछले दो दशक से पार्टी के नेता दो कार्यकाल की अनिवार्यता का पालन करते रहे हैं ताकि तानाशाही से बचा जा सके और एक दलीय राजनीती वाले देश में सामूहिक नेतृत्व सुनिश्चित किया जा सके। लेकिन अब इस संशोधन के बाद चीन में एक बड़ा बदलाव कदम रखेगा।

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