“मेरा बूथ मेरा गौरव” सम्मेलन की हवा तय करेंगी कांग्रेस का चुनावी मानसून

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सीकर। राजस्थान प्रदेशभर में कांग्रेस के नेता भलेही “मेरा बूथ मेरा गौरव” कार्यक्रम को सफल बनाने को लेकर ताबड़तोड प्रयास कर रहे हो, लेकिन प्रचंड गर्मी के मौसम की मार के साथ-साथ मुस्लिम समाज के रमजान माह के चलते इन सम्मेलनों में लोगो की जोरदार मौजूदगी के दावे फीके पड़ सकते है। सीकर जिले की सभी आठों विधानसभा क्षेत्रों में से पांच में 9 व 10 जून को सम्मेलन होने जा रहे है।

दरअसल बता दे कि पिछले दो सप्ताहों से इस इलाके में लगातार गिर रही प्रचंड़ गर्मी से आम आदमी का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित है। इसलिए कांग्रेस पार्टी के इस आयोजन में काफी संख्या में आने वाले अल्पसंख्यक समाज के लोग भी उतनी तादाद में शायद ही पूछे, जितनी अपेक्षा कांग्रेसजनों ने कर रखी है, रोजो के समय मुस्लिम तबका दिन में बाहर कम ही निकला है जबकि दोनों ही दिन सम्मेलन “मज” गर्मी में हो रहे है।

सबसे मजे की बात तो यह है कि जिन विधानसभा क्षेत्रों में मुस्लिम समाज की असरकार मौजूदगी है, वहां कांग्रेस ने रमजान माह में सम्मेलन बुला लिये है जबकि इनकी तादाद कम है वहां के सम्मेलन रमजान माह के बाद करवाये जायेगे।

रमजान नहीं किसान हुंकार महारैली के चलते कांग्रेस का “गौरव” स्थगित…

मसलन सीकर, लक्ष्मणगढ, फतेहपुर, धोद व खण्डेला में अल्पसंख्यकों का पूरा जौर है। यहां रोजेदारों की सहूलियत का कांग्रेस ने बिल्कुल ही ख्याल नहीं रखा। जबकि मुस्लिमों की मौजूदगी के बिना कांग्रेस सम्मेलन का रंग ही नहीं बैठता है। इनमे फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र तो ऐसा है जहां कांग्रेस ने सदैव इसी समाज से प्रत्याशी बनाया है, जहां कल दोपहर में ”मेरा बूथ मेरा गौरव” सम्मेलन आहूत किया है। हालांकि धोद में होने वाले सम्मेलन को फ़िलहाल स्थगित कर दिया है, जिसकी वजह इसी रोज जिला मुख्यालय पर खींवसर विधायक हनुमान बेनीवाल की होने वाली किसान हुंकार महारैली पार्ट-4 बताई जा रही है। वाकायदा आयोजकों का कहना है कि कांग्रेस ने सम्मेलन को किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए इसको स्थगित रखने का ऐलान किया है।

अब यहां सवाल यह उठता है कि धोद में कांग्रेस किसानों का हित देखते हुए सम्मेलन को भविष्य में करवाये जाने को राजी हो गई तो अस्पसंख्यकों की परेशानी को लेकर वो गंभीर क्यों न हुई. जबकि इन सभी सम्मेलनों में एआईसीसी के प्रभारी सचिव काजी निजामुद्दीन है, जो स्वयं अल्पसंख्यक समाज से आते है। कुल मिलाकर कल शनिवार को जिले के तीन विधानसभा क्षेत्रों सीकर, लक्ष्मणगढ और फतेहपुर में बूथ के गौरव बढाने वाले सम्मेलन उस विश्वास के माहौल में हो रहे है, जहां माना जा रहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव में सीकर जिले से कांग्रेस को बढी आशाएं। बस अब देखना है यह कि सम्मेलन के आयोजन से पार्टी की हवा का रुख कैसा चुनावी मानसून लाता है?

 

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