दादा-परदादा के नाम का पता नहीं वंश बढ़ाने के लिए करते है बेटी की कोख में हत्या, IAS नवीन जैन ने रक्षक वालंटियर्स को प्रशिक्षण जिले के 500 से अधिक युवाओं ने लिया प्रशिक्षण

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सीकर- चिकित्सा एंव स्वास्थ्य विभाग के शासन सचिव व एनएचएम के मिशन निदेशक श्री नवीन जैन ने कहा कि वंश का नाम बढ़ाने का बहाना बना कर आज बेटियों का कोख में कत्ल किया जा रहा है। दादा-परदादा का नाम नहीं जानने वाले भी वंश बढ़ाने के लिए बेटों की चाहत में बेटियों को कोख में मार रहे है। उन्होंने कहा कि मृत्यु के बाद बेटे के हाथ से अंतिम क्रिया करवा कर मोक्ष प्राप्ति की कामना रखने वाले भी बेटियों का दम कोख में घोट रहे है। श्री नवीन जैन शनिवार को यहां सांवली रोड बाइपास स्थित भारतीय शिक्षा संकुल के इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में डाटर्स आर प्रिसियस(डेप) रक्षकों(वॉलिटियर्स) के प्रशिक्षण को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि मां-बाप रात को देरी से आने वाली बेटी की चिंता तो करते है, उससे तरह-तरह के प्रश्नों की झड़ी लगा देते है, लेकिन रात भर बाहर रहने वाले बेटे से प्रश्न पूछने से भी हिचकिचाते है। उन्होंने कहा कि बेटियों के अधिकारों पर हम कदम-कदम पर कुडंली मार रहे है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि घूमने का ट्यूर प्लाने करने वाले बेटे को महज कुछ मिन्नतों के बाद जाने की इजाजत मिल जाती है, लेकिन बेटी को सुरक्षा की बात कह कर जाने से रोक दिया जाता है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में पिछले सवा साल में कई शिक्षण संस्थान में यह कार्यक्रम आयोजित कर युवाओं को बेटी बचाओं का संदेश दिया है। इसी कड़ी में 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस पर प्रदेश के सभी 33 जिलों में एक ही दिन एक ही समय पर शिक्षण संस्थान में बेटियां है अनमोल कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। प्रदेश के सभी जिलों में करीब 3300 से अधिक शिक्षण संस्थान में डेप रक्षक युवाओं को डाटर्स आर प्रिसियस का संदेश देंगे। प्रशिक्षण के सभी जिलों में इस तरह के डेप रक्षक(वॉलिटियर्स) प्रशिक्षण का आयोजन किया जा रहा हैं। इसी कड़ी में शनिवार को सीकर में प्रशिक्षण का आयोजन किया गया है।

सेवारत चिकित्सकों से मुहिम को होगा फायदा…

श्री जैन ने कहा कि प्रदेष के सेवारत चिकित्सकों के बेटी बचाओं की इस मुहिम में जुटने से नया मुकाम मिलेगा। उन्होंने कहा कि सेवारत चिकित्सक चिकित्सा संस्थान में आने वाले हर रोगी के साथ परिजनो को भी मुखबिर योजना व भू्रण लिंग परीक्षण नहीं करवाने के बारे में समझाइष करेंगे। उन्होंने सेवारत चिकित्सक संघ के पदाधिकारियों का भी इस मुहिम में सहयोग करने को भी बड़ी शुरूआत बताया।

स्थानांतरण के लिए बेटे बन जाते है श्रवण कुमार…

श्री जैन ने कहा कि समाज में बदलाव की बयार भी शुरू हो गई है बेटियों पिता को कंधा देकर मुखाग्नि दे रही है तो बेटियां मा-बाप को किडनी देकर बचा रही है। उन्होंने कहा कि मां-बाप की सबसे ज्यादा चिंता बेटियों को रहती है। स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू होते ही कार्मिक सबसे पहला बहना मां-बाप की सेवा का बनाकर ही आवेदन लेकर पहुंचते है। श्रवण कुमार बनने की लाइन लग जाती है। जबकि हकीकत में मां-बाप की सेवा एक बहाना होता है।

आंकड़ों से बताया लिंगानुपात का आंकड़ा…

मिशन निदेशक ने आंकड़ों के माध्यम से घटते लिंगानुपात का बताया। उन्होंने बताया कि 1991 में सीकर का लिंगानुपात 904 पर था। बेटों की चाहत में लिंग भू्रण जांच परीक्षण बढ़ने के साथ 2011 में यह आंकड़ा 847 पर पहुंच गया। उन्होंने बताया की शिक्षा नगरी होने के बाद भी यहां लगातार आंकड़ा घटता रहा है। इसी का परिणाम है कि हरियाणा की तर्ज पर सीकर में भी दूसरे राज्यों से बहुएं शादी कर लाई जा रही है।
उन्होंने पीपीटी के माध्यम से राजस्थान के जिलों के बारे में बताया जहां लिंगानुपात लगातार घट रहा है। उन्होंने राजस्थान के नक्शे में सीकर व झुंझुनूं को रेड जोन में बताया। उन्होंने कहा कि सीकर व झुंझुनूं में सबसे ज्यादा जागरूक व शिक्षित लोग होने के बाद भी यहां लिंग भू्रण परीक्षण के मामले सबसे ज्यादा सामने आ रहे है, लेकिन यहा जन्मदर बढ़ रही है।

मुखबिर योजना व ट्रेकिंग डिवाइस से फायदा…

श्री नवीन जैन ने डेप रक्षकों को प्रदेश में अब तक हुए 101 डिकॉय आपरेशन के बारे में बताया। इसके अलावा मुखबिर योजना में ढाई लाख रूपए की पुरस्कार राशि व सोनोग्राफी मशीन में ट्रेकिंग डिवाइस लगाए जाने के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पिछले दिनों हुए डिकॉय ऑपरेशन में सामने आया कि किस तरह दलाल लिंग भू्रण परीक्षण करवाने वालों को फर्जी मशीन से झूठी सूचना देकर बेटियां का कोख में कत्ल करवा रहे है।
उन्होंने डिकॉय ऑपरेशन में अब तक पकड़े गए आरोपियों, चिकित्सकों व दलालों की संख्या भी बताई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं सेवारत चिकित्सक संघ प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अजय चौधरी ने कहा कि बेटिया अनमोल है कार्यक्रम कि मुहिम जिसकी अलख श्री जैन ने जगाई है उसे अंजाम तक हम ले जाएंगें। उन्होनें यह भी आश्वस्त किया कि 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर में आयोजित अभियान में सीकर जिले की भागीदारी शीर्ष पर रहेगी। इस अवसर पर अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ के प्रदेष वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. लक्ष्मणसिंह ओला ने श्रीनवीन जैन को स्मृति चिन्ह प्रदान किया।

बेटियां है अनमोल की डाक्यूमेट्री फिल्म दिखाई…

डाटर्स आर प्रिसियस की डाक्यूमेट्री फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया। इससे पूर्व भारतीय शिक्षण संस्थान के निदेशकके पूर्णसिंह रणवां, राजेन्द्र ढाका व जटाशंकर पूनियां ने सभी का स्वागत किया। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एंव स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.अशोक महरिया, ब्लॉक, उपनिदेशक महिला अधिकारिता राजेन्द्र चौधरी, एसआरकेपीएस के राजन चौधरी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक प्रकाश गहलोत, जिला पीसीपीएनडीटी समन्वयक नंदलाल पूनियां, जिला नोडल अधिकारी अजीज मोहम्मद, जिला लेखा प्रबंधक धीरज भार्गव, आशा समन्वयक केशरदेव, अरबन डीपीएम प्रदीप चाहर, नेहरू युवा केन्द्र जिला युवा समन्वयक तरूण जोशी, सांवरलाल एवं निजी चिकित्सक, शिक्षा विभाग के प्रतिनिधि उपस्थित थे।डा. बी एल रणवा की ओर से एक बेटी के पढ़ाई का खर्च वहन करने की घोषणा की। कार्यक्रम संचालन नेहरू युवा संस्थान के सचिव बीएल मील ने किया।

बेटियों ने किया पौधा भेंट

बेटियां है अनमोल डेप रक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले की ब्रांड एम्बेसेडर अभिलाषा रणवां व शिवानी ने मिशन निदेशक को हरे पौधे का गमला भेंट किया। कार्यक्रम में सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।

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