ग्राम ज्योति योजना में Corruption, असली हकदार वंचित

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सीकर. पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के प्रथम चरण का कार्य पूर्ण कर केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार भलेही नेशनल हेबीटेशन सर्वे में शामिल सभी ढाणियों में बिजली कनेक्शन कर दिए जाने का दावा करती हो, लेकिन जब जमीनी हकीकत की पड़ताल करने पर जो आंकड़े मिले उससे ठेकेदार-अधिकारियों की कारगुजारी से किए सभी दावे झूठे साबित हो फेल होते नजर आ रहे है।

बता दें कि आज भी क्षेत्र की अधिकतर ढाणियां विद्युत कनेक्शनों से वंचित पड़ी है। जब जो ढाणियां सर्वे रिकॉर्ड में शामिल भी नहीं है, वहां पर ठेकेदार-अधिकारी अपने चहेतों को फायदा दे रहे है। जानकारी के मुताबिक फतेहपुर उपखंड के ग्राम बिराणिया में सुल्तान चौधरी की ढाणी 1984 से बनी हुई है। और राजस्व रिकॉर्ड में पूर्णाराम की ढाणी व किशनाराम की ढाणी रिकॉर्ड में है, लेकिन फिर भी ढाणी में आज तक बिजली का कनेक्शन नहीं हुआ है। पर वही क्षेत्र में कई जगहों पर ठेकेदार-अधिकारियों ने अपने चहेतों को खेतों में एक कच्चा मकान बनाने पर ही बिजली कनेक्शन जारी कर दिए। जहां पर न तो कोई व्यक्ति रहता है और ना ही राजस्व रिकॉर्ड में कोई ढाणी दर्ज है। ऐसे में ठेकेदार-अधिकारियों की मिलीभगत से ग्राम ज्योति योजना का मूल उद्देश्य गौण होता जा रहा है।

हेबीटेशन ढाणी में कनेक्शन जारी करने के लिए ढाणीवासी कई बार बिजली विभाग में गुहार लगा चुके है, सुल्तान चौधरी की ढाणी व पूर्णाराम की ढाणी से 2013 में करीब 8 जमा करवा दी थी, लेकिन उसके बाद 2016 में दोबारा से सभी ने फाइलें तैयार कर जमा करवा दी और एक फाइल के साथ ₹1800 भी जमा करवा दिए थे। उसके बाद भी आजतक ढाणी में बिजली कनेक्शन नहीं हुआ।

ऐसे हुई गड़बड़ी…

जानकारी के अनुसार सुल्तान चौधरी की ढाणी 1984 में बनी थी। नेशनल हेबीटेशन सर्वे में शामिल पूर्णाराम व किशनाराम की ढाणी पहले से बिजली बिजली युक्त है ऐसे में अधिकारियों ने यह नहीं देखा कि आधे किलोमीटर के एरिया में अन्य छोटी ढाणियां भी है। जबकि हेबीटेशन सर्वे में नजदीकी अन्य ढाणियां भी उसमें शामिल मान जाती है।

जेईएन ने फर्जी एस्टीमेंट बना दिया चहेतों को फायदा…

दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना में बिजली कनेक्शन जारी करने में विभाग के अधिकारियों व कंपनी ठेकेदारों ने अपनी ओर से पूरी मनमर्जी कर जिन स्थानों पर कोई व्यक्ति रहता भी नहीं है और रिकॉर्ड में वह ढाणी भी नहीं बनी हुई है, वहां पर जेईएन ने फर्जी एस्टीमेंट रिपोर्ट बनाकर फायदा दिया। कई स्थानों पर सिर्फ ईटों का एक-एक कमरा बना हुआ है, वहां पर बिजली कनेक्शन कर दिए व वास्तविक हकदारों को वंचित कर दिया।

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