क्या आप जानते है की हमारे देश में एक राज्य ऐसा है जहां सरकार की निती की वजह से हर परिवार की हो रही है लाखो की बचत…

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आजकल महंगाई का दौर इतना खतरनाक चल रहा है कि कोई भी सामान सामा सामान बाजार से लेने जाते हैं तो उसकी कीमत सुनकर ही गरीब लोग बेहोशी की तरह चकमा खा जाते हैं इसी प्रकार यदि यदि परिवार अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाना चाहे तो देश देश में अधिकतर राज्यों में फीस बढ़ोmanishतरी होड़ मची हुई है लेकिन अन्य राज्यों की तुलना में दिल्ली में यह उल्टा है

इतनी महंगाई के वक्त में लाखो रुपए बहोत होते है, है ना ??

जानिए ये कैसे हो रहा है दिल्ली में…

  1. आज औसतन हर परिवार में 2 बच्चे ऐसे होते हैं जो स्कूल जाते हैं। यदि ये बच्चे सुविधाओं के नाम पर किसी सामान्य प्राइवेट स्कूल में एडमिशन लेते हैं तो हर बच्चे की औसतन फीस 3000/- रूपये हर महीने के हिसाब से 2 बच्चों पर 6,000/- रूपये प्रतिमाह का खर्च यानि साल के लगभग 72,000/- और इसके अतिरिक्त प्राइवेट स्कूलों के विभिन्न खर्चे अलग। जबकि दिल्ली सरकार ने सरकारी स्कूलों को प्राइवेट से बेहतर बनाया है और शिक्षा, किताबें और सुविधायें हैं मुफ्त यानि परिवार अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों पढ़ाकर हर साल 75,000 रूपये बचा सकता है। और अब सरकारी स्कूलों में शिक्षा का माहौल प्राइवेट स्कूलों से बेहतर है।
  2. एक परिवार में अगर औसतन 4 सदस्य माने जायें तो महीने में एक सदस्य को मेडिकल चेकअप और ट्रीटमेंट की आवश्यकता पड़ती है। जाँच, दवा, चेकअप आदि मिलाकर छोटे से छोटे ट्रीटमेंट में 2000 रूपये का खर्च होता है। अब मोहल्ला क्लीनिक में ये सब बिल्कुल मुफ्त है। यानि हर साल कम से कम 25,000 रूपये की बचत।
  3. बिजली के बिल पूरे देश में लगातार बेतहाशा बढ़े हैं लेकिन दिल्ली में इसके उलट बिजली की दरें घटीं हैं। एक परिवार औसतन महीने में 400 यूनिट बिजली की खपत करता है पूरे देश के हिसाब से औसत निकालें तो इसका बिल 3300 रूपये के आस पास आयेगा। जबकि दिल्ली में ये बिल AAP की सरकार में 1300 रूपये का आता है जो अब और कम हो जायेगा और कटौती पर जुर्माना भी मिलेगा यानि कम से कम 2,000 रूपये प्रतिमाह और 24,000 रूपये प्रतिवर्ष की बचत।
  4. पहले दिल्ली में रहने वाले परिवारों को पानी के भारी बिलों का बोझ चुकाना पड़ता था जो औसतन कम से कम 1,000 रूपये महीना तक पड़ता था। अब दिल्ली में हर परिवार को 20,000 लीटर पानी महीने में मुफ्त मिलता है यानि 12,000 रूपये प्रतिवर्ष की सीधी बचत।
  5. इसके अलावा डोरस्टेप डिलीवरी ऑफ सर्विसेज़ शुरू होने पर एक परिवार को कम से कम सालाना 5 से 10 हजार रूपये तक की सीधी बचत मिलेगी। क्योंकि पहले इन सेवाओं के चक्कर लगाने में, छुट्टी लेने में और भ्रष्टाचार में बड़ी राशि खर्च होती थी।

तो इस तरह दिल्ली सरकार जनता के टैक्स का लाभ सीधे जनता तक पहुँचा रही है। और अपने 5 साल के कार्यकाल में हर परिवार को कम से कम 7 लाख रूपये की सीधी बचत दे रही है।

ये है AAP की इकोनॉमिक्स…

और कुछ लोग कहेते थे ये धरना करने वाले है, इन्हे गवर्नन्स नहीं आयेगी !!
अगर इस से अच्छा गवर्नन्स का मोडेल कोइ हो तो बताइये…

 

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