दिल्ली में केजरीवाल सरकार की कैबिनेट में दो नए मंत्री शामिल, राजेंद्र पाल और कैलाश गहलोत ने ली शपथ

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नई दिल्ली: दिल्ली में अरविंद केजरीवाल सरकार में दो हफ्ते से खाली पड़ी मंत्रियों की दो कुर्सी पर राष्ट्रपति से मंजूरी मिलने के बाद दिल्ली सरकार के दो नए मंत्रियों को एलजी अनिल बैजल ने शुक्रवार(19 मई) की शाम दो मंत्रियों कैलाश गहलोत और राजेंद्र पाल गौतम को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। सरकार में नए मंत्रियों में कैलाश गहलोत और राजेंद्र पाल गौतम शामिल हैं। ये दोनों पद पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा और संदीप कुमार के हटाए जाने के बाद खाली थे।

इस मौके पर दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल के अलावा विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल और दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव एमएम कुट्टी सहित सरकार और राजनिवास के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। इससे पहले गुरुवार को केंद्र सरकार ने और शुक्रवार को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने दिल्ली सरकार में दो नए मंत्रियों की नियुक्ति को मंजूरी दी।

गृह मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अनुशंसा पर मंत्री पद से कपिल मिश्रा को हटाने और दो आप विधायकों कैलाश गहलोत एवं राजेन्द्र पाल गौतम को मंत्री बनाने को राष्ट्रपति से मंजूरी मिलने की बात कही गई।

नए मंत्रियों की तैनाती के बाद मंत्रियों के कामकाज में भी फेरबदल किया है। दोनों नवनियुक्त मंत्रियों के शपथ ग्रहण के फौरन बाद बाद सीएम केजरीवाल ने विभागों का भी बंटवारा कर दिया। सरकार की ओर से दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार गहलोत को कानून एवं न्याय, परिवहन, सूचना प्रोद्यौगिकी और प्रशासनिक सुधार विभाग दिये गए हैं।

बता दें कि इससे पहले कानून और न्याय विभाग उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के पास था। सिसोदिया को इस विभाग की जिम्मेदारी मंत्री पद से हटाए गए कपिल मिश्रा से लेकर अतिरिक्त प्रभार के तौर पर सौंपी गई थी, जबकि परिवहन विभाग का अतिरिक्त प्रभार अभी स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन संभाल रहे थे। जैन से पहले परिवहन विभाग का प्रभार श्रम मंत्री गोपाल राय के पास था।
वहीं, गौतम को जल मंत्री बनाया गया है। उन्हें पर्यटन, समाज कल्याण, एससी-एसटी, भाषा, कला एवं संस्कृति और गुरद्वारा चुनाव विभाग भी सौंपे गए हैं। अभी तक पर्यटन और जल मंत्रालय कपिल मिश्रा के पास था।

केजरीवाल ने गत 6 मई को मंत्रिमंडल से मिश्रा को हटाकर गहलोत और गौतम को शामिल करने के फैसले पर उपराज्यपाल के माध्यम से गृह मंत्रालय से मंजूरी मांगी थी। हालांकि मंत्रालय की मंजूरी मिलने में देरी होने का मुद्दा उठाते हुए केजरीवाल ने बुधवार को केंद्र सरकार पर जानबूझकर मंजूरी नहीं देने का आरोप लगाया था।

केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि दिल्ली में दो नए मंत्रियों की फाइल मंजूरी के लिए केंद्र सरकार 10 दिनों से लेकर बैठी है। उन्होंने कहा था कि दिल्ली सरकार में कई काम रुके हैं। आपकी(मोदी) हमसे दुश्मनी है, लेकिन इसका बदला दिल्ली की जनता से तो मत लो।

 

 

केजरीवाल के इस ट्वीट के बाद 24 घंटे के अंदर ही दोपहर तक मंत्रियों को शपथ का न्योता चला गया और शाम 5 बजे एलजी अनिल बैजल ने दोनों को शपथ दिला दी.

दो मंत्रियों की फ़ाइल पर केंद्र 10 दिनों से बैठा है। दिल्ली सरकार में कई काम रुके हैं। आपकी हमसे दुश्मनी है, दिल्ली की जनता से तो बदला मत लो

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