सिसोदिया का दावा-EC ने EVM हैक करने की चुनौती को खारिज कर दिया

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इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन(ईवीएम) की विश्वसनीयता पर जारी बहस के बीच चुनाव आयोग ने (12 मई 2017) को सर्वदलीय बैठक की। इस बैठक में चुनाव आयोग ने EVM की विश्वसनीयता पर चर्चा करने के लिए 7 राष्ट्रीय पार्टियों और और 48 राज्य स्तरीय पार्टियां शामिल हुईं। बता दें कि EVM में लोगों का विश्वास खत्म हो जाने का दावा करते हुए 16 पार्टियों ने आयोग से बैलेट पेपर के जरिए चुनाव कराने की व्यवस्था की ओर लौटने का अनुरोध किया था।

इस दौरान सभी राजनीतिक पार्टियों के नुमाइंदे अपनी-अपनी शिकायत और सुझाव लेकर पहुंचे। इस बीच बीजेपी विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा ने दावा किया कि दो दिन हैकोथॉन हो सकता है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने परसों सभी पार्टियों को बुलाया है। आयोग ने इसके लिए पार्टियों को रविवार और सोमवार का वक्त दिया है।

बैठक के दौरान चुनाव आयोग ने बताया कि EVM हैक नहीं हो सकती लेकिन जो राजनीति दल यह दावा कर रहे हैं कि वे ईवीएम को टेंपर कर सकते हैं। जिसके बाद आयोग ने राजनीतिक दलों को ईवीएम हैक करने की खुली चुनौती दी है कि वे ईवीएम को हैक करके दिखाएं। साथ ही चुनाव आयोग ने कहा कि दो दिन हम आपको(राजनीतिक पार्टियां) मशीन देंगे। आप सभी पार्टियां अपने-अपने एक्सपर्ट लेकर आइए और हैक करके दिखाइए।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस दौरान वहां दो मशीने होंगीं, एक मशीन में डेटा होगा, जबकि एक बिना डेटा के होगी। चुनाव आयोग दोनों ईवीएम मशीनों को सभी के सामने रखेगा। जिसके बाद राजनीतिक दलों के आगे दोनों ईवीएम में गड़बड़ी साबित करने की चुनौती होगी। मशीन को बिना खोले हैक करना होगा।

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय परिषद सदस्य, PAC मेंबर और दिल्ली के मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने दावा किया है, EVM हैक करने की चुनौती को चुनाव आयोग ने खारिज कर दिया है। मनीष सिसोदिया ने ट्वीट कर कहा है, चुनाव आयोग ने हैकाथन कराने से मना कर दिया है। चुनाव आयोग ने कहा कि हम सिर्फ यह साबित करने का चैलेंज देंगे कि पिछले दिनों हुए पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव, 10 सीटों पर उप-चुनाव और दिल्ली निगम चुनाव में काम में ली मशीनों में टेम्परिंग हुई थी।

आपको बता दें कि चुनाव आयोग की इस प्रस्तावित बैठक से कुछ दिन पहले ही आम आदमी पार्टी ने दिल्ली विधानसभा में एक वोटिंग मशीन की लाईव हैकिंग को प्रदर्शित किया था। आप पार्टी ने इस प्रदर्शन के लिए ईवीएम के एक प्रारूप का इस्तेमाल किया था। हालांकि, चुनाव आयोग ने आप के दावे को खारिज करते हुए कहा कि यह ईवीएम जैसा दिखता है, लेकिन वह चुनाव आयोग का ईवीएम नहीं है। कुछ पार्टियों ने मांग की है कि उन्हें उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में इस्तेमाल की गई मशीनों को परखने की इजाजत दी जाए। मतदाताओं को रिश्वत देने को लेकर आरोप पत्र में नामजद उम्मीदवारों को अयोग्य घोषित करने, चुनावी भ्रष्टाचार को गैर जमानती अपराध बनाने और पेपर ट्रेल के जरिए मतगणना के आदेश के लिए नियमों को आसान करने जैसे मुद्दों पर कल राजनीतिक पार्टियों के साथ होने वाली बैठक में चुनाव आयोग चर्चा करेगा।

चुनाव आयोग ने पिछले हफ्ते एक बयान में कहा था कि ईवीएम और वीवीपीएटी से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने के लिए चुनाव आयोग ने 12 मई 2017 को नई दिल्ली में सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनीतिक पार्टियों की एक बैठक बुलाई है।

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