डूसू चुनाव में वोटो की गिनती में EVM में गड़बड़ी की शिकायत पर चुनाव आयोग ने दी सफाई में कहा कि ‘‘हमने नहीं दी थी, EVM मशीनें’’

784

EVM Challenge, Hackathon, EC, EVM Hacking challenge, Aam aadmi party, Saurabh Bharadwaz, Election commission, EVM tampering, AAP exposes EVM's

दिल्ली : दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) के चुनाव के गुरूवार(13 सितंबर) को आये परिणाम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से संबद्ध छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद(एबीवीपी) ने अध्यक्ष पद समेत तीन अन्य पदों पर कब्जा कर लिया। और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की छात्र इकाई भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) को केवल एक पद से संतोष करना पड़ा है। अध्यक्ष पद पर एबीवीपी की अंकिव बसोया ने 1744 मतों के अंतर, उपाध्यक्ष पद पर शक्ति सिंह ने 7673 मतों के अंतर से जीत हासिल की। सचिव पद पर एनएसयूआई के आकाश चौधरी जीतने में कामयाब रहे, वहीं संयुक्त सचिव पद एबीवीपी की ज्योति ने चुनाव जीता।

EVM मशीनों को लेकर हंगामा…

इससे पहले गुरुवार को दिन में वोटों की गिनती के दौरान ईवीएम में गड़बड़ी की शिकायत सामने आने को लेकर मतगणना स्थगित कर दी गई थी। लेकिन शाम को सभी पक्षों के बीच मतगणना फिर से शुरु करने के लिए सहमति बनी। वोटों की गिनती के दौरान छात्र गुटों के बीच झड़पें और धक्कामुक्की भी हुई। ‘‘खराब ईवीएम और इसे लेकर छात्रों के हंगामे’’ को देखते हुए बीच में ही रोकनी पड़ी थी।

ईवीएम गड़बड़ी पर चुनाव आयोग की सफाई…

इस बीच चुनावों में ईवीएम मशीनों में गड़बड़ी की खबरों के बीच चुनाव आयोग ने सफाई दी है कि डूसू चुनाव कराने के लिए आयोग की तरफ से या राज्य चुनाव आयोग के तरफ से कोई मशीन नहीं दी गई। आयोग का कहना है कि युनिवर्सिटी प्रशासन ने यह मशीनें निजी स्तर पर मंगाई थी। चुनाव अधिकारी ने भी साफ किया कि डीयूएसयू चुनाव में इस्तेमाल किए गए ईवीएम को चुनाव आयोग ने नहीं दिया था।

दिल्ली में मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय के द्वारा जारी बयान के अनुसार, ‘डीयूएसयू के चुनावों में कुछ चैनलों द्वारा ईवीएम को लेकर जो लिखा जा रहा है उसके लिए मैं बताना चाहता हूं कि जिन ईवीएम पर सवाल उठाए जा रहे है वह चुनाव आयोग के नहीं है और इस ऑफिस द्वारा डीयू को ऐसी कोई ईवीएम मशीनें नहीं दी गई थी।’

बयान के मुताबिक, ‘राज्य चुनाव आयोग ने यह सुनिश्चित किया है कि ऐसी कोई मशीनें उनके द्वारा भी नहीं दी गई थी। ऐसा लगता है डीयू ने निजी तौर पर मशीन हासिल किया था। इसकी एक विस्तृत रिपोर्ट भी भेजी जाएगी।’ अधिकारी ने कहा कि ऐसा लगता है कि दिल्ली विश्वविद्यालय ने निजी तौर पर ईवीएम उपलब्ध करा लिया था। चुनाव अधिकारी का यह बयान गुरुवार को चल रहे वोटों की गिनती के दौरान ‘ईवीएम में खराबी’ पर हंगामे के बाद आया है।

विपक्ष ने में पूछा- फिर कहां से खरीदे थे ये प्राइवेट ईवीएम?

चुनाव आयोग की सफाई के बाद विपक्षी पार्टियों के तमाम नेता हमलावर हो गए है। इसी बीच दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने चुनाव आयोग से गंभीर सवाल पूछे हैं। केजरीवाल ने पूछा है कि आखिर ये प्राइवटे ईवीएम कहां से खरीदे जा सकते हैं? जबकि चुनाव आयोग का दावा है कि कोई भी ईवीएम का निर्माण या खरीद या बिक्री नहीं कर सकता है।

वहीं, कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता शकील अहमद ने ट्वीट कर पूछा है, “जब दिल्ली विश्विद्यालय को न चुनाव आयोग ने और न ही मुख्य चुनाव अधिकारी, दिल्ली, ने EVM दिया तो क्या दिल्ली विश्विद्यालय ने खुले बाज़ार से EVM खरीद कर छात्र संघ के चुनाव में इस्तेमाल किया? क्या बाज़ार में EVM उपलब्ध है?”

ये हैं विजेता…

बता दें कि अध्यक्ष पद के लिए हुए चुनाव में एबीवीपी के अंकित बसोया ने एनएसयूआई के सन्नी छिल्लर को 1744 वोटों से हराकर जीत हासिल की। बसोया को 20467 और छिल्लर को 18723 मत मिले। पिछली बार अध्यक्ष पद एनएसयूआई ने जीता था। वहीं, उपाध्यक्ष पद पर एबीवीपी के शक्ति सिंह ने एनएसयूआई की लीना को 7673 मतों के भारी अंतर से हराया। सचिव पद पर एनएसयूआई के आकाश चौधरी ने एबीवीपी के सुधीर डेढ़ा को 6089 वोटों से हराया।

चौधरी को 20198 और डेढ़ा को 14109 वोट मिले। जबकि संयुक्त सचिव पद पर एबीवीपी की ज्योति चौधरी विजयी हुईं। उन्होंने 5072 वोटों के अंतर से एनएसयूआई के सौरभ यादव को शिकस्त दी। ज्योति को 19353 और सौरभ को 14281 मत मिले। आम आदमी पार्टी (आप) की छात्र इकाई सीवाईएसएस और वामपंथी आईसा ने मिलकर चुनाव लड़ा था लेकिन उनकी झोली खाली ही रही।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here