ओझल हो गए बरसाती IAS अफसरी सोशल मीडिया एकाउंट्स

313

दिल्ली : राजधानी के सबसे बड़े अफसर यानी दिल्ली के मुख्य सचिव के साथ कथित तौर पर हुई हाथापाई और मारपीट के मामले को लेकर देश के सबसे बड़े नौकरों का संघ यानी आईएएस एसोसिएशन ने अपनी पुरानी परम्परा को तोड़ते हुए खूब बवाल काटा था, खूब मोमबत्तियां स्वाहा की थी और खूब चुप्पी साधो प्रकिर्या अर्थात मौन धारण किया था |

विभिन राज्यों के एसोसिएशन भी मुख्य एसोसिएशन के समर्थन में आये और दिल्ली के बड़े बाबु के साथ हुए कथित हमले की निंदा करने लगे, हालाँकि ये संघ प्रदीप कासनी, दुर्गा शक्ति, अशोक खेमका, डीके रवि जैसे मामलो पर मुहं में दही जमा चूका है |

अब देखिये एक रोचक बात, जैसे ही देश के इन बड़े बाबुओं को नई नवेली आम आदमी पार्टी जिसकी प्रचंड बहुमत वाली सरकार दिल्ली में है , पर धौंस जमाने का मौका मिला | तमाम छोटे मोटे पदों पर बैठे आईएएस अधिकारीयों के ट्विटर , फेसबुक अकाउंट चालु हो गए , कुछ तो ऐसे भी एकाउंट्स मिले जो बंद पड़े थे लेकिन अचानक से इस कथित कांड के लिए जाग उठे | मानो सिर्फ सोशल मीडिया में हव्वुआ बनाना ही उद्देश्य रहा हो |

और भी कुछ अजीब और ऐसी घटनाये सामने आई जिससे समझ आता है कि अफसर संघ सिर्फ इस मुद्दे पर सहानुभूति पाकर अपने कुकर्म छुपाना चाहता था और असली प्लान तो इस से भी कहीं आगे था जोकि कामयाब नही हो सका, हालाँकि अभी प्रकिर्या चल जरुर रही होगी |

  • अचानक से ट्विटर , फेसबुक पर सैंकड़ो नये आईएएस एसोसिएशन एकाउंट्स का उपजना |
  • सभी पर समान पोस्ट्स का मिलना
  • चंद फोल्लोवेर्स वाले एकाउंट्स जिनपर सिर्फ एक ही प्रकार की पोस्ट की गयी है

देखिये एक अफसर का ट्विटर अकाउंट जिसने सिर्फ इसी मुद्दे पर पोस्ट/ री ट्विट किए है |

गौर करने वाली बात है कि अब लगभग सभी अफसरों के अकाउंट दुबारा से लकवाग्रस्त हो गए है जबकि हाल ही में बीजेपी के नेता और केंद्र सरकार में मंत्री श्री प्रधान जी ने ओडिशा में एक आईएएस अफसर की जमकर बेज्जती की, लेकिन आईएएस एसोसिएशन को शायद इस बार मोमबत्ती खरीदने के पैसे नही मिले |

अफसरों के दिल्ली में जनता के प्रति कैसा रैव्य्या है ये सब जानते है क्योंकि दिल्ली के अनचुने LG साहब ने चुने हुए नेताओ की बात मानने से इन अफसरों को साफ़ मना किया हुआ है |

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here