स्कॉर्पीन क्लास की तीसरी पनडुब्बी ‘करंज’ लॉन्च, जानें खास बातें

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मुंबई – भारत की स्कॉर्पीन श्रेणी की तीसरी पनडुब्बी आईएनएस-करंज मुंबई में आज लांच की गई। इस पनडुब्बी करंज का निर्माण भारत सरकार के मेक इन इंडिया अभियान के तहत मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड कंपनी ने किया है। नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा की पत्नी रीना लांबा ने इस करंज पनडुब्बी को पानी में उतारा।

स्कॉर्पियन पनडुब्बी करंज कई आधुनिक फीचर से लैस है, जिससे यह पनडुब्बी बहुत ही कम समय में और कम आवाज से दुश्मन की नजरों को चकमा देकर एकदम सटीक निशाना लगा सकती है, इसके साथ ही टॉरपीडो और एंटी शिप मिसाइल बम से हमले भी कर सकती है। इससे पानी के अंदर भी हमला किया जा सकता है। साथ ही सतह पर पानी के अंदर से दुश्‍मन पर हमला करने की खासियत भी इसमें है।

मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट के तहत मझगांव शिपबिल्डर्स ने किया है इसे तैयार…

इस मौके पर सुनील लांबा ने कहा कि नौसेना के बेड़े में शामिल किए जाने से पहले करीबन 1 वर्ष तक यह करंज पनडुब्बी कड़े परीक्षणों से गुजरेगी। फ्रांस की बड़ी जहाज निर्माता कंपनी नवल ग्रुप के साथ मिलकर भारत की एमडीएल कंपनी मेक इन इंडिया अभियान के तहत कुल 6 पनडुब्बियों का निर्माण करेंगे, जिनमें यह करंज पनडुब्बी तीसरी पनडुब्बी है। भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी ने पिछले ही महीने स्कॉर्पियन श्रेणी की पहली पनडुब्बी कलवरी को नौसेना के बेड़े में शामिल किया था।

पनडुब्बी करंज के बारे में आठ बातें…

  1. करंज मेक इन इंडिया के तहत बनाई गई स्वदेशी पनडुब्बी है। अत्याधुनिक तकनीक और सटीक निशाने के दम पर समंदर में करंज चीन और पाकिस्तान की मुश्किलें बढ़ा सकता है।
  2. इसका निर्माण मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड कंपनी ने फ्रांस के सहयोग से किया हैं। आधुनिक तकनीक से बनी यह पनडुब्बी कम आवाज से दुश्मन के जहाज को चकमा देने में माहिर है।
  3. इस स्वदेशी पनडुब्बी में तारपीडो जैसे हथियार भी लगे है जो दुश्मन के जहाज या पनडुब्बी को मार गिराने में सक्षम हैं। साथ ही इसमेें दुश्मन के इलाके की निगरानी करने के लिए यंत्र लगे हुए हैं। यह पनडुब्‍बी अभी लॉन्‍च हुई है और उम्मीद है इसे अगले साल तक नौसेना में शामिल कर लिया जाएगा।
  4. इस क्लास की पहली पनडुब्बी कलवरी को पिछले महीने ही नौसेना में शामिल किया गया था। दूसरी पनडुब्बी खंदेरी का अभी ट्रायल चल रहा हैं। ऐसी 6 पनडुब्बी मझगांव डॉकयार्ड में बनेगी जो 2020 तक नौसेना में शामिल हो जाएगी।
  5. हिन्द महासागर में बढ़ती चुनातियों को देखते हुए नौसेना के पास दर्जन भर ही पनडुब्बी हैं। इनमें से आधे से अधिक अपनी ज़िंदगी पुरी कर चुके है, लेकिन किसी तरह उनको अपग्रेड कर काम चलाया जा रहा हैं। ऐसे में जितना जल्द ये पनडुब्बी का लॉन्‍च होना नौसेना के लिए बहुत मायने रखता हैं। इन सबके के बूते ही भारत हिंद महासागर मे चीन को जवाब दे पाएगा।
  6. करंज टारपीडो और एंटी शिप मिसाइल से हमला करती है। रडार की पकड़ में नहीं आती, समंदर से जमीन पर और पानी के अंदर से सतह पर हमला करने में सक्षम है।
  7. 67.5 मीटर लंबी, 12.3 मीटर ऊंची और 1565 टन वजन वाली इस पनडुब्बी में ऑक्सीजन भी बनाया जा सकता है। युद्ध की स्थिति में यह दुश्मन के क्षेत्र से चकमा देकर निकलने में सक्षम है।
  8. इससे पहले पहली स्कॉर्पीन श्रेणी की पनडुब्बी आईएनएस कलवरी को 14 दिसंबर, 2017 को और दूसरी पनडुब्बी खांदेरी को 12 जनवरी 2017 को लॉन्‍च किया गया था।

 

मुंबई के मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (एमडीएल) ने स्कॉर्पीन पनडुब्बी ‘करंज’ का निर्माण किया है।

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