नई दिल्लीपड़ोसी देश पाकिस्तान से कुलभूषण जाधव की फांसी को लेकर तनाव के बीच भारत ने एक सकारात्मक कदम उठाते हुए 12 मई को भारतीय जेलों में बंद पाकिस्तान के 11 कैदियों को रिहा करने जा रहा है। भारत ने यह फैसला अस्ताना में भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी और पाकिस्तानी पीएम नवाज शरीफ की अनौपचारिक मुलाकात के बाद किया गया है।

हालांकि, पाकिस्तान ने भारत के इस कदम का स्वागत करने के बजाय इसे जिम्मेदारी करार दिया है। ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की खबर के मुताबिक, पाकिस्तान का कहना है कि इन सभी कैदियों ने अपनी सजा पूरी कर ली है इसीलिए मजबूरी में भारत उन्हें रिहा कर रहा है।

लड़कों को रिहा किया….

भारत ने बीते सप्ताह ही अंतरराष्ट्रीय सीमा गलती से पार कर पंजाब(भारतीय सीमा) में घुस आए दो बच्चों को वापस पाकिस्तान को सौंप दिया था। यह दोनों बच्चे अली रजा (11) और बाबर अली (10) अपने चाचा मोहम्मद शहजाद के साथ सीमा पार कर भारत में घुस आए थे। भारत ने हालांकि शहजाद को अभी अपनी हिरासत में ही रखा हुआ है। इन दोनों बच्चों को अप्रैल में ही रिहा किया जाना था लेकिन पाकिस्तान द्वारा जाधव को मौत की सजा सुनाए जाने के बाद भारतीय अधिकारियों ने उनकी वापसी रोक दी थी।

पाकिस्तान उच्चायोग की वकील शिल्पी जैन ने कहा था कि पिछले साल जुलाई में 2 लड़के, बाबर अली और अली रजा अपने मामा शहजाद के साथ पाकिस्तान के सीमावर्ती गांव, दहिया खास, में एक शादी में शरीक होने आए थे। 12 जुलाई को तीनों एक बाइक पर रावी नदी देखने निकले और इस दौरान वो भारत की सीमा में 300 मीटर अंदर घुस आए। यहां बीएसएफ के जवानों ने उन्हें रोक लिया और अमृतसर(पंजाब) पुलिस को सुपुर्द कर दिया।

पाकिस्तानी जेलों में 132 भारतीय कैदी…

पाकिस्तान की जेलों में 132 भारतीय कैदी बंद हैं। इनमें से 57 कैदी अपनी सजा पूरी कर चुके हैं लेकिन सजा पूरी करने के बावजूद उन्हें अभी तक पाक ने रिहा नहीं किया गया है।

यह भी जाने:- नीतीश की BJP को चुनौती, ‘बिहार-UP में एक साथ चुनाव करवा लीजिए, देखें कौन जीतता है’

share