मेट्रो कार्ड रिचार्ज कराने में हुई 1 लाख रुपए की धोखाधड़ी

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नई दिल्ली
साइबर धोखाधड़ी के मामले हर रोज नए-नए सामने आ रहे हैं। दक्षिण दिल्ली में एक महिला से मेट्रो कार्ड रिचार्ज कराते समय ऑनलाइन धोखाधड़ी का मामला सामने आया हैं। 27 साल की महिला जब मोबाइल वॉलेट के जरिए मेट्रो कार्ड रिचार्ज करने की कोशिश कर रही थी लेकिन मेट्रो कार्ड रिचार्ज नहीं हो सका। और उसकी इस परेशानी का फायदा उठाते हुए जालसाजों ने उसके अकाउंट से 1 लाख रुपए उड़ा डाले।

पुलिस ऑनलाइन ठगी करने वाले कहां आईपी एड्रेस ट्रेस कर रही है…..

यह मामला पिछले सप्ताह का ही हैं। पीड़ित महिला को दिल्ली मेट्रो ऑफिशल के नाम से एक फर्जी कॉल मिली। फर्जी अधिकारी ने दावा किया कि वह गलती सही करके उसका कार्ड रिचार्ज कर देगा। इसी बहाने उसने महिला से गोपनीय सूचना हासिल कर उसके अकाउंट से 1 लाख रुपए ट्रांसफर कर लिए। पुलिस कंप्यूटर का आईपी एड्रेस जानने की कोशिश कर रही है जिसका धोखाधड़ी में इस्तेमाल किया गया। पुलिस ने बताया कि आरोपी को पीड़ित महिला की कई जानकारी मालूम थी जैसे कि कार्ड नंबर और नाम। इसके अलावा आरोपी को यह भी पता था कि महिला को मेट्रो कार्ड को रिचार्ज करने में परेशानी हो रही है।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘गैंग ने महिला की मेट्रो कार्ड रिचार्ज की समस्या का फायदा उठाकर उससे गोपनीय जानकारी हासिल कर ली होगी। जब दोनों फोन पर बात कर रहे थे, तो धोखाधड़ी में शामिल एक महिला पीड़ित महिला के कार्ड की जानकारी का इस्तेमाल कर रही थी और ओटीपी से पैसे ट्रांसफर कर रही थी। यह ऑनलाइन ठगी का एक नया तरीका है।’

ऑनलाइन ठगी में पीड़ित महिला ने पुलिस के साथ शेयर की निजी जानकारियां…..

अभी पुलिस एक्सिस बैंक, डीएमआरसी और मोबाइल वॉलेट फर्म पेटीएम तीनों के संपर्क में है और जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रही है। पीड़ित महिला ने पासबुक, ईमेल्स, ट्रांजैक्शन स्क्रीनशॉट्स और मेसेज पुलिस के साथ शेयर किए हैं।

पीड़ित महिला का दावा और ऑनलाइन ऑनलाइन ठगी का शिकार…

महिला ने दावा किया कि जब वह मेट्रो कार्ड में 200 रुपए का रिचार्ज कराने की कोशिश कर रही थी तो उसके बैंक अकाउंट से पैसे तो कट गए लेकिन कार्ड रिचार्ज नहीं हो रहा था। तब उसने मदद के लिए मेट्रो अधिकारियों और पेटीएम को एक ईमेल भेजा। जल्द ही उसे (***3838956) नंबर से एक महिला का कॉल आया जिसने मेट्रो कस्टमर केयर से खुद को बताया। उसने मुझसे डेबिट कार्ड के लिए लास्ट चार डिजिट पूछी जो मैंने उसे बता दी। उसके बाद मुझे तीन बार ओटीपी आया।उसने मुझसे कहा कि पहला कोड एक्सपायर हो गया है और मुझसे तीन बार ओटीपी मांगा।

ऑनलाइन जालसाजों में कॉरपोरेट बैंकों का हाथ होने की आशंका..

पीड़ित महिला ने एफआईआर में बताया कि जब मेरी बात खत्म हो गई तो मुझे एक्सिस बैंक से एक कॉल आया कि अनाधिकृत ट्रांजैक्शन के जरिए मेरे अकाउंट से 40,000, 19,900, 22,000 और 19,900 रुपये काट लिए गए हैं और इसके बाद बैंक ने मेरा कार्ड ब्लॉक कर दिया है।

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