आप हमे मौका दो, आरएसएस सीमा पर देश के दुश्मनों से लड़ने को तैयार : मोहन भागवत

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने बिहार के मुजफ्फरनगर जिले में संघ के समारोह के दौरान ने कहा कि- "आरएसएस कोई सैन्य संगठन नहीं है, लेकिन फिर भी हमारे पास सेना जैसा अनुशासन है" और देश की खातिर लड़ाई के लिए आरएसएस कुछ दिनों के भीतर सेना बनाने की क्षमता रखती है।

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पटना। कश्मीर में लगातार हो रहे हमलो को लेकर राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को कहा कि यदि जरूरत हुई तो उनका आरएसएस संगठन देश के दुश्मनों से सीमा पर लड़ने के लिए तैयार है। मोहन भागवत ने बिहार के मुजफ्फरनगर जिले में आरएसएस के एक समारोह के दौरान भागवत ने कहा कि, “आरएसएस कोई सैन्य संगठन नहीं है, लेकिन फिर भी हमारे पास सेना जैसा अनुशासन है। यदि देश की आवश्यकता है और हिंदुस्तान देश का संविधान उन्हें इजाजत देता है तो सीमा पर शत्रुओं के खिलाफ लड़ने के लिए आरएसएस तैयार है।”

भागवत 10 दिवसीय दौरे पर…

भागवत ने कहा कि देश की खातिर लड़ाई के लिए आरएसएस कुछ दिनों के भीतर सेना बनाने की क्षमता रखती है। बता दे कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत इन दिनों बिहार के 10 दिवसीय दौरे पर है। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने भारत-चीन युद्ध का हवाला देते हुए कहा कि जब सिक्किम सीमा इलाके के तेजपुर में जब पुलिसकर्मियों ने वहां से पलायन कर लिया तो आरएसएस कार्यकर्ताओं ने ही सेना के वापस आने तक मोर्चा संभाले रखा।

संघ में देश भक्ति के संस्कार…

भागवत ने कहा कि आरएसएस की शाखा में खेलकूद, शारीरिक प्रशिक्षण से लेकर देशभक्ति के संस्कार भी दिए जाते है। उन्होंने देश के युवाओं को आरएसएस की शाखाओं में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया। भागवत ने दावा किया कि संघ परिवार की तरह है। जहां हर किसी को उनकी योग्यता के मुताबिक सम्मान और अवसर मिलता है। हालांकि भागवत ने बताया कि स्वागत और सम्मान की बात दिल से होती है, ये दिखावे की चीज नहीं है।

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