ठगी के शिकार हुये लोगों के भूखण्डों के पट्टे देने के लिये नगर विकास न्यास ने एक योजना जारी की

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नगर विकास न्यास ने ठगी के शिकार हुये लोगों के भूखण्डों के पट्टे देने के लिये एक योजना जारी की…..

सीकर 20 जून। बिचोलियों के माध्यम से भूखण्ड खरीदकर ठगी के शिकार हुये लोगों के भूखण्डों के पट्टे देने के लिये नगर विकास न्यास ने एक योजना जारी की है। सीकर के नगरीय क्षैत्र के गांवों जैसे कुड़ली, घोराणा, शिवसिंहपुरा, समर्थपुरा, राधाकिशनपुरा, नानी, जगमालपुरा, देवीपुरा, गोकुलपुरा, खिचड़ों का बास में गत दशक के दौरान खातेदारों से रजिस्ट्री करवाये बिना सस्ती दरों पर नोटेरी व इकरारनामा के आधार पर कृषि भूमि खरीद कर प्लॉट बेच दिये। कुछ अधिक चालाक बिचौलियो या भूमाफियाओं ने ले-आउट स्वीकृत करवाये बिना नगर परिषद व न्यास के तत्कालीन अधिकारियों से मिलीभगत कर धारा 90अ की कार्यवाही करवा ली तथा उस आधार पर कॉलोनी अनुमोदित बताकर चांदी कूटी। ऎसे लोगो ने राजस्व रिकार्ड में दर्ज खातेदार से सीधे ही के्रता के पक्ष में इकरारनामा या रजिस्ट्री लिखवाकर भूमि का मालिकाना हक देने का झांसा दिया।

नगर विकास न्यास के सर्वे में ठगी……

सचिव नगर विकास न्यास राम निवास जाट ने बताया कि नगर विकास न्यास के सर्वे के दौरान इन गांवो में गत 10 साल के दौरान विकसित कॉलोनियों के वाशिदों या भूखण्ड मालिकों के पास पटटे नही पाये गये। 90 अ की कार्यवाही के पश्चात के्रता के पक्ष में पटटा जारी न होने तक उक्त भूमि न्यास की मानी जाती है। ऎसे भूखण्ड धारकों को न्यास अतिक्रमी घौषित कर सकता है। परन्तु न्यास ऎसी कॉलोनियों के ले-आउट तैयार करवा रहा है तथा किसी एक खातेदार द्वारा खसरे की सम्पूर्ण भूमि में से 60 प्रतिशत क्षैत्र का विक्रय कर देना प्रमाणित होने पर विस्तृत सर्वे करवाकर न्यास को देय राशि जमा करवाने पर पटटा दिया जा सकेगा। इस प्रकार भूखण्डधारियों पर दोहरा भार पडेगा क्योकि विक्रेता ने पूरी राशि वसूल कर ली, परन्तु ले-आउट स्वीकृति के लिये न्यास में राशि जमा नही करवायी । अब न्यास समस्त नियमन चार्ज वसूल करेगा। कुछ कॉलोनियों में नगर परिषद से ले-आउट अनुमोदित करवाने के उपरान्त 40 प्रतिशत सुविधा क्षैत्र में निजी विद्यालयों को जमीन बेच दी है जो भूखण्डधारियों के साथ धोखाधडी की श्रेणी में आता है। न्यास द्वारा ऎसे भूखण्डों को अपने कब्जे में लिया जा सकेगा।

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