सिगडोला बड़ा गांव को पंचायत हैडक्वाटर से डामर रोड़ जोड़ने की मांग को लेकर ग्रामीणों की हुईं सभा

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सीकर – उपखंड क्षेत्र लक्ष्मणगढ़ के ग्राम सिगडोला बड़ा गांव को अपने पंचायत हैडक्वाटर बठोठ को डामर रोड़ से जोड़ने की मांग को लेकर आज सिगडोला बड़ा गांव के मुख्य चौक में सिगडोला बड़ा गांव व बठोठ गांव के ग्रामवासीयों की एक सभा आयोजित हुई। उपखंड क्षेत्र का यह एकमात्र गांव सिगडोला बड़ा जो अभी तक पंचायत हैडक्वाटर बठोठ से डामर रोड़ से नहीं जोड़ा गया।

ग्रामीणों में जनप्रतिनिधियों के प्रति रोष…

इस को लेकर सभा में ग्रामीणों ने प्रशासन सरकार व जनप्रतिनिधियों के प्रति रोष जताया। ग्रामीणों द्वारा इस सभा में सामुहिक निर्णय लिया कि यदि जल्द ही गांव को पंचायत हैडक्वाटर से डामर रोड़ से नहीं जोड़ा गया तो गांव में जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के अधिकारियों-कर्मचारियों को गांव में गुसने नहीं दिया जाएगा और आन्दोलन किया जायेगा।

आज की इस ग्रामीण सभा को पूर्व पंचायत समिति सदस्य नरेन्द्र बाटड़, पोखरमल बिजारनियाँ, हणमान सिंह, चिमन सिंह, वकील सांखला, दिनेश शर्मा, शुभकरण ओला, प्रकाश ढाका, भंवर सिंह ओर भवानी सिंह चौहान ने सम्बोधित किया।

सभी वक्ताओं ने कहा कि लक्ष्मणगढ़ उपखण्ड का एकमात्र सिगडोला बड़ा गांव है जो पंचायत हैडक्वाटर से डामर रोड़ नहीं जुड़ा हुआ है। सिगडोला बड़ा गांव व पंचायत बठोठ गांव की दुरी 4 किलोमीटर है, लेकिन रास्ते की दशा बहुत खराब होने के कारण 5 किलोमीटर से भी अधिक का चक्कर लगाकर पाटोदा होकर पंचायत बठोठ जाना पड़ता है। ग्रामीणों को गुस्सा इस बात का है कि प्रशासन सरकार जनप्रतिनिधि हमेशा यहीं कहते हैं कि बजट नहीं है लेकिन गांव सिगडोला बड़ा से पाटोदा गांव तक रोड़ बनी हुई है, फिर भी बनी हुई रोड़ पर ही नई रोड़ बनाई जा रही है, इसलिए बजट का तो केवल बहाना है और उस बजट से गांव सिगडोला व बठोठ के बीच की रोड़ भी बन सकती थी, फिर भी इस सिगडोला बड़ा व पाटोदा के बीच बन रही सड़क का हम विरोध नहीं कर रहें है लेकिन बात जब बजट का रोना आता तब ग्रामीणों को गुस्सा रोष आता है की एक तरफ बनी हुई रोड़ पर नई रोड़ बना रहे हैं ओर दूसरी तरफ तहसील का सबसे खराब रास्ता जो एक तरह से बन्द है उसको डामर रोड़ से पंचायत हैडक्वाटर से नहीं जोड़ा जा रहा है।

कभी मुख्य रास्ता हुआ करता था लेकिन आज हालत खराब…

आगे के क्रम में वक्ताओं मे नरेन्द्र बाटड़ ने कहा कि कभी सीकर से सालासर ग्रामीण बसों को का रास्ता हुआ करता था, लेकिन खराब एवं कच्चा रास्ता होने के कारण इस रास्ते पर ग्रामीण रुट बसें भी बन्द हो गई। जिससे छात्र छात्राओं व ग्रामीण लोगों को पंचायत के दोनों गांवो को आने जाने मे बड़ी परेशानी होती है। और 4 किलोमीटर की दूरी की जगह 10 किलोमीटर होकर जाना पड़ता है. इस समस्या का प्रशासन, सरकार एवं जनप्रतिनिधियों से मांग है की है कि जल्द ही ये रोड़ बनाई जाये। जब तक रोड़ नहीं बनेगी ग्रामीण इसके लिए आगे तक आन्दोलन के लिए आगामी मींटीग पंचायत हैडक्वाटर बठोठ पर करके आगे की रणनीति बनाई जायेगी।
इस मौके पर विजेन्द्र रुहेला, सुनील जांगीड़, रहिस रुहेला, अनिल ढाका, महेन्द्र महावत, संदीप रुहेला, मोती शर्मा, मनोज जांगीड़, सीताराम रुहेला, नाथूराम बिजारनियाँ, राजेंद्र कुमार, महेन्द्र कुमार, सुनील कुमार, रामनिवास रुहेला, पोखरमल, सुभाष रुहेला, राजेंद्र बिजारनियाँ सहित सैकड़ों ग्रामीणों लोग उपस्थित थे।

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