अंतराष्ट्रीय महिला दिवस: झुंझुनूं में पीएम मोदी ने की राष्ट्रीय पोषण मिशन की शुरुआत, कहा-बेटियां बोझ नहीं परिवार की आन-बान और शान

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झुंझुनूं में बृहस्पतिवार को 'बेटी बचाओ बेटी बढ़ाओ' के विस्तार कार्यक्रम की शुरुआत कर इसे पूरे देश में लागू किया। साथ ही, नौ हजार करोड़ के राष्ट्रीय पोषण मिशन की भी शुरुआत की। मोदी ने कहा कि 'दान हो या बलिदान यह जिला कभी पीछे नहीं हटा।

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दिल्ली: अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर पीएम नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के झुंझुनूं में “राष्ट्रीय पोषण मिशन” की शुरुआत की। पीएम मोदी ने यहां रैली को भी संबोधित किया। यहां पीएम मोदी ने अपने सम्बोधन में कहा कि- “दान हो या बलिदान झुंझुनू कभी पीछे नहीं हटा।” किसी भी समाज के लिए इससे बड़ी पीड़ा नहीं हो सकती है कि हमें बेटियों को बचाने के लिए प्रयास करना पड़ रहा है। स्त्री-पुरुष की समानता से यह समाज चलता है। झुंझुनूं ने मुझे आने को मजबूर कर दिया और आज पूरा देश झुंझुनूं से जुड़ गया है।

पीएम मोदी ने कहा कि ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान का देशभर के सभी जिलों में विस्तार हो रहा है। बेटी अब बोझ नही, समाज की आन-बान शान है। पीएम ने कहा कि जब तक हमारे जेहन में बेटा-बेटी एक समान की भावना नहीं होगा, तब तक बेटियों को कोख में मार दिया जाएगा। पीएम मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री का लोग चाहे जितनी निंदा करें, लेकिन देश की बेटियों की सेहत से खिलवाड़ या भेदभाव न करें। आज से पीएम का मतलब पोषण मिशन होगा। पीएम मोदी ने राष्ट्रीय पोषण मिशन का उद्घाटन किया।

पीएम मोदी ने कहा कि 18वीं सदी में बेटियों को जन्म दिया जाता था, फिर उन्हें दूध में डूबोकर मार दिया जाता था। अब और भी हालात खराब हो गए है। लोग गर्भ में ही बेटियों को मार देते है, हम उन्हें यहां आने ही नहीं देते है। पीएम ने कहा कि हर परिवार को बेटी बचाने का संकल्प लेना चाहिए। और हमने ऐसे परिवार भी देखे है जिनके 4-4 बेटे है, लेकिन उनके मां-बाप बुढ़ापे में वृद्धाश्रम में रहते है। और कई ऐसी बेटियां भी देखी है, जिन्होंने मां-बाप की खातिर शादी नहीं की।

 

पीएम ने कहा कि बच्चों के कुपोषण के लिए बाल विवाह भी बड़ा कारण है। छोटी उम्र में मां बनने से बच्चों का समुचित विकास नहीं हो पाता है। बेटा-बेटी में संतुलन बनाने के लिए एक आंदोलन चलाने की जरूरत है। इस वजह से पीएम ने झुंझुनूं को चुना।

आपके जेहन में सवाल उठ रहे होंगे कि आखिर पीएम मोदी ने झुंझुनूं को क्यों चुना। दरअसल, झुंझुनूं राजस्थान में सबसे खराब लिंगानुपात के लिए बदनाम जिला रहा है। लेकिन ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान की शुरुआत के बाद झुंझुनूं ने बेटियों को कोख में बचाने को लेकर मिसाल पेश की है। जनगणना-2011 में राजस्थान के 33 जिलों में सबसे खराब लिंगानुपात वाले इस जिले में लड़कियों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई। तब 1000 लड़कों पर महज 837 लड़कियां थीं, वहीं अब संख्या सुधरकर 955 हो गई है।

प्रशासनिक प्रयासों से हुए इस सुधार के लिए झुंझुनूं को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय पिछले दो साल में कई बार सम्मानित भी कर चुका है। यही कारण है कि महिला दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहीं से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को विस्तार देने के साथ ही राष्ट्रीय पोषण मिशन की शुरुआत भी करेंगे।

बताया जा रहा है कि साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए यह कवायद हो रही है। पीएम मोदी लिंगानुपात में उत्कृष्ट सुधार लाने वाले देश के 10 कलेक्टर्स का सम्मान भी करेंगे। जनवरी 2015 के बाद बेटियों को जन्म देने वाली 200 मांओं से भी मिलेंगे।

खास बातें…

  • अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर पीएम मोदी झुंझुनूं पहुंचे
  • पीएम मोदी ने कहा, हम सब को मिलकर बेटियों को बचाना है
  • मनाई जाएगी ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान की तीसरी वर्षगांठ

रैली को संबोधित करने से पहले यहां पीएम मोदी का एक अनोखा अंदाज दिखा…

पीएम मोदी ने यहां मौजूद महिलाओं और छोटी बच्चियों से संवाद किया। इसी दौरान कई बच्चियां पीएम मोदी के साथ खेलती हुई भी नज़र आई। पीएम मोदी भी लगातार उनके साथ संवाद किया और उनके साथ खेले। पीएम मोदी हॉल में माइक लेकर घूम रहे थे और वहां मौजूद महिलाओं से बात कर रहे थे। कई छोटी बच्चियां पीएम के आस-पास घूम रहीं थी और नाच रही थी।

पीएम मोदी ने इससे पहले गुरुवार सुबह ट्विटर के जरिए महिला दिवस की बधाई दी थी और वीडियो भी जारी किए थे। संबोधन से पहले पीएम मोदी ने वहां मौजूद कई छोटी बच्चियों से बात की। पीएम ने यहां महिलाओं से सीधा संवाद किया। प्रधानमंत्री यहां पर राष्ट्रीय पोषण मिशन की शुरुआत करेंगे। इस मौके पर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने पीएम मोदी को एक किताब भेंट की।

मेनका गांधी ने गिनाए सरकार के काम…

केंद्रीय बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने कहा कि 2014 में जब सरकार बनी तो पीएम मोदी ने उन्हें बुलाकर कहा कि देश में महिलाओं की स्थिति को लेकर वह काफी चिंतित है उनके लिए कुछ करना चाहिए। हमारी सरकार ने महिलाओं के लिए काफी काम किए है। देश में लड़कों के मुकाबले लड़कियों को पैदा होने के अनुपात में काफी सुधार हुआ है। मेनका ने कहा कि हमारी सरकार के आने के बाद देश में 18 साल से कम उम्र की लड़कियों के मामले में कमी आई है।

सीएम राजे बोलीं- कई बेटियों को गोद लेकर की मदद…

राजस्थान की मुख्यमंत्री राजे ने इस मौके पर अपने संबोधन में कहा कि झुंझनू की धरती से देश को बड़ी सौगात मिल रही है। इसमें राष्ट्रीय पोषण मिशन और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के मिशन को आगे बढ़ाया जा रहा है। इस दौरान राजे ने राज्य में चल रही कई योजनाओं में महिलाओं के योगदान के बारे में बताया।

राज्य सरकार राजश्री जैसी योजना चला रही है जिससे बेटी पैदा होने पर परिवार को मदद दी जाती है। उन्होंने कहा कि हमारे कलेक्टरों ने बेटियों को गोद लिया है, इसके अलावा मैंने भी 300 बेटियों को गोद लेकर उनकी मदद की है।

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