राजस्थान में अगले चुनाव में होगा बीजेपी का नेतृत्व परिवर्तन, वसुन्धरा राजे जाएंगी केंद्र में, जानियें प्रदेश में किसे मिलेगी कमान…..

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जयपुर। राजस्थान में हुए उपचुनावों में बीजेपी को मिली शर्मनाक हार के बाद से ही पार्टी में अंदरूनी कलह छिड़ गई है। अब बीजेपी में नए और अलग ही तरह की कलह छिड़ी हुई है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जल्द ही राजस्थान बीजेपी में लीडरशिप में आंशिक परिवर्तन संभव होने के आसार लग रहे हे, मौजूदा लीडरशिप से पार्टी कार्यकर्ताओं में असहजता महसूस कर रहे है। पार्टी में लीडरशिप परिवर्तन साल २०१८ के अंत में होने वाले राजस्थान विधानसभा चुनाव और साल २०१९ के लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखकर निर्णय लिया जायेगा। नए लीडरशिप में आगामी सीएम कैंडिडेट और पार्टी पदेशाध्यक्ष को जायेगा।

महारानी का जाना लगभग तय…

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक खबर है कि सीएम कैंडिडेट के लिए जोधपुर से सांसद गजेंद्र सिंह शेखावत को दावेदार बताया जाता है, खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी गजेंद्र सिंह से कार्यशैली से प्रभावित हुए है। इस कतार में राज्यवर्धन सिंह और ओम माथुर का नाम भी आगे लाया गया पर पार्टी ने माना ओम माथुर के नाम पे वोट नही मिलेंगे और राज्यवर्धन सिंह, गजेंद्र सिंह के आगे नही ठहर पा रहे वह कम अनुभवी भी है। वहीं गजेंद्र सिंह का तेज तर्रार नेतृत्व, जनता में मिलनसार छवि, सौम्य स्वभाव, इसके साथ साथ नौकरशाही भी इनसे भय खाती है। जिस कारण जनता भी इनसे खासी प्रभावित है।

अपने ही बिगड़ेंगे गेम ,तो तरसेंगे…

वहीं पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के लिए घनश्याम तिवाड़ी, नरपतसिंह सिंह राजवी, किरोड़ीलाल मीना और हनुमान बेनीवाल भी चिंता का विषय है। इन सभी नेताओं ने भेरो सिंह सरकार को भी काफी परेशान किया था। जहां किरोड़ीलाल और हनुमान बेनीवाल मैडम वसुंधरा राजे के सत्ता समय को कुशासन करार देते रहे है। बेनीवाल ने जिस तरह से तीसरा मोर्चा खड़ा करने के लिए जिस प्रकार से ताबड़ तोड़ किसान हुंकार रैलियां १,२,३ की है वो कांग्रेस भाजपा दोनों के लिए ही सिर दर्द बढ़ाने वाला हैं। कुछ लोगो का कहना हैं की बेनीवाल अभी तो रेलिया कर जनता के हमदर्द बनते नजर आ रहे लेकिन जिस प्रकार से गुजरात में आंदोलन से आये तीन प्रमुख चेहरों ने कांग्रेस का समर्थन किया ठीक उसी प्रकार आजकल जो बीजेपी की ज्यादा खिलाफत करते वहीं कल को उन्हीं के घर(पार्टी) दे सकते है।
वहीं घनश्याम तिवाड़ी और नरपत सिंह राजवी से इनके क्षेत्र की जनता परेशान है तथा बीजेपी पार्टी खुद भी मानती है भैरो सिंह शेखावत के कद व छवि के आगे नाहीं नरपत सिंह राजवी ओर नाहीं उनके दोहिते आसपास भी नहीं है और नाहीं इनकी वैसी छवि है। पार्टी को इनसे भी पार पानी है। ये भी माना जा रहा है कि कम से कम सेकड़ो मौजूदा विधायको के टिकट काटकर साफ एवं ईमानदार व्यक्तित्व के नए चेहरों को प्रत्यासियों को मैदान में उतरने को मौका दिया जाएगा।

ये होंगे ज्यादा दुखदाई…

बीजेपी को आनंदपाल एनकाउंटर और पद्मावत बहुत नुकसान देंगी। इनके कारण ही उपचुनावों में शर्मनाक हर का सामना करना पड़ा है। लेकिन नई लीडरशिप सीएम कैंडिडेट में पार्टी के लिए सबसे बड़ी राहत ये भी रहेगी कि ‘जोधपुर सांसद गजेंद्र सिंह शेखावत मुख्यमंत्री दावेदार के लिए राजपूत समाज को भी स्वीकार्य होंगे और इसके साथ साथ आरएसएस भी उनके नाम पे राजी है।’

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