बावड़ी के उपडाकघर में नहीं हो रही रजिस्ट्री, उच्चाधिकारियों का तर्क “नेट राउटर” में टेक्निकल प्रॉब्लम

बावड़ी के उपडाकघर का नेट राउटर ख़राब होने से दर्जनों गावों के लोग भटक रहे दर-दर, ग्रामीणों से लगाया उच्चाधिकारियों पर अनदेखी का आरोप, सेवा बाधित होने से रोजमर्रा के कामों को निपटाने में भी झेलनी पड़ रही है तकलीफे

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सीकरखंडेला उपखण्ड क्षेत्र की ग्राम पंचायत बावड़ी के उपडाकघर में पिछले 12 दिनों से रजिस्ट्री, स्पीड पार्सल, रजिस्ट्री पार्सल, इन्सयोड पार्सल और बचत खातों के कार्य नहीं हो रहे है। ग्रामीणों ने बताया कि बावड़ी पंचायत के इस डाकघर में 12 दिनों से आमजन का कोई काम नहीं हो रहा है जब भी किसी कार्य के लिए डाकघर जाते है तो रोज निराशा ही हाथ आती है, डाकघर कर्मियों का तर्क है कि उनके सिस्टम का नेट राउटर ख़राब हो गया है, इसलिए लगातार सेवा बाधित है।

बावड़ी के इस डाकघर स्टाप ने बताया कि उन्होंने कार्यालय की इस समस्या के बारे में कई बार उच्चाधिकारियों को लिखित और दूरभाष के जरिये शिकायत कर दी है। और डाकघर में दिनभर में कार्य नहीं होने पर आने वाले ग्रामीण जनों की गुस्से-नाराजगी झेलनी पड़ती है। डाकघर में लगातार सेवा बाधित होने पर क्षेत्र के लोगों को आर्थिक भार वहन कर निकटवर्ती रींगस, श्रीमाधोपुर और पलसाना समेत अन्यत्र जाना पड़ता है।

दरअसल बावड़ी के इस उप-डाकघर से मलिकपुर, शाहपुरा, लाडपुर और ठिकरिया की चारों भी इसी से जुड़ी हुई है। इनके अतिरिक्त सोंथलिया, पावण्डा की ढाणी, सामोता का बास, गिरधारी सिंह का बास, ज्ञानपुरा, धीरजपुरा और रामदास का बास समेत ओर भी निकटवर्ती गांव-ढाणियों के लोगों का जुड़ाव यहां से है, लेकिन पिछले कई दिनों से लगातार इस शाखा की सेवा बाधित होने से सभी परेशान है।

उप-डाकपाल सुभाष चाँद मीणा ने हमारे रिपोर्टर के साथ हुई खास बातचीत में बताया कि “बावड़ी के इस उप-डाकघर में नेट का राऊटर ख़राब है, जिसे कम्पनी वाले देखकर चले गए है, लेकिन फिर भी राऊटर सहीं नहीं होने से समस्या ज्यों की त्यों बनीं हुई है और चाहे ग्रामीणों के हो या कार्यालय के रोजमर्रा के काम नहीं हो रहे है। ऐसे में यहां से सात किलोमीटर दूर निकटवर्ती रींगस डाकघर कार्यालय जाकर रोजमर्रा के कामों का निपटान करना पड़ रहा है।

उपकरण बने शोपीस…

उपडाकघर बावड़ी में जनरेटर पिछले करीब चार साल से, यूपीएस तीन साल से, पासबुक प्रिंटर करीब एक साल से कबाड़ बन शोपीस बने हुए है। गुस्साए ग्रामीणों ने बताया कि देखभाल की अनदेखी या फिर डाक अधिकारीयों द्वारा इनकी कोई सुदबुद नहीं लेने से दिन प्रति दिन इन उपकरणों पर धूल जमती जा रही है। जिससे क्षेत्र के लोगों को सुविधाओं का समय पर लाभ नहीं मिल पा रहा है।

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