सर्जिकल स्ट्राइक के 1 साल: बतौर रक्षा मंत्री पहली बार J&K जाएंगी सीतारमण

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नई दिल्ली। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में इंडियन आर्मी की पहली सर्जिकल स्ट्राइक का शुक्रवार को एक साल पूरा हो गया। इस मौके पर जवानों का मनोबल बढ़ाने के लिए भारत सरकार में रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण जम्मू-कश्मीर का दौरा करेंगी। इस अहम जिम्मेदारी को संभालने के बाद सीतारमण पहली बार श्रीनगर पहुंच रही हैं। वहां सिक्युरिटी के हालात पर सेना के अफसरों के साथ मीटिंग और जवानों से बातचीत करेंगी।

शनिवार को सियाचिन भी पहुचेंगी। आपको बता दें कि पिछले साल 28 सितंबर की रात आर्मी ने पहली बार लाइन ऑफ कंट्रोल(एलओसी) क्रॉस कर पीओके में आतंकियों के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक की थी। इसमें करीब 38 से 40 आतंकियों को मार गिराया और उनके 4 कैंपों को तबाह कर दिये थे। इसे उड़ी हमले के बदले की कार्रवाई बताया गया।

प्रोग्राम में शामिल होंगी रक्षामंत्री….

रक्षामंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि रक्षामंत्री सीतारमण का श्रीनगर के बाद 30 सितंबर को दुनिया के सबसे ऊंचे यानी बैलट फील्ड सियाचिन जाने का भी प्रोग्राम है। सर्जिकल स्ट्राइक का एक साल पूरा होने पर आर्मी ने श्रीनगर में एक प्रोग्राम रखा है। इसमें सीतारमण के अलावा आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत भी मौजूद रहेंगे। बता दें कि सीतारमण इससे पहले गोवा, ग्वालियर और राजस्थान में नेवी और एयरफोर्स स्टेशनों का दौरा कर चुकी हैं।

कब और कैसे हुई थी सर्जिकल स्ट्राइक…..

उड़ी अटैक का बदला लेने के लिए आर्मी ने प्लानिंग की। इसे सरकार की ओर से हरी झंडी मिलने के बाद आर्मी ने किलिंग मशीन कहे जाने वाले पैरा कमांडोज की 5 टीम बनाईं। 28 सितंबर की रात 12.30 बजे एलओसी के नजदीक चॉपर से टीमें उतरी गईं। हर टीम में करीब 25 कमांडो थे। कुल 125 कमांडो रेंगते हुए PoK में दाखिल हुए थे, ताकि दुश्मन को भनक न लगे। रात 2.30 बजे के आसपास 2-3 किमी पैदल कीचड़, पत्थर यहां तक की लैंडमाइंस को भी पार कर कमांडो आतंकियों के लॉन्च पैड तक पहुंचे।

इस दौरान स्पेशल फोर्स के अलावा सेना की एक टुकड़ी कमांडोज का रूट सिक्योर कर रही थी। इन जवानों को बैकअप के लिए साथ रखा था। अगर टारगेट तक पहुंचने में कोई चुनौती मिलती तो इन्ही जवानों को उससे निपटना था। कमांडोज के कैमरे में हेलमेट लगे थे, जिससे ऑपरेशन की पूरी मॉनीटरिंग हो सके। इस ऑपरेशन की ड्रोन कैमरे से रिकॉर्डिंग भी की गई, ताकि सबूत रहे।

4 आतंकी कैंप तबाह हुए, करीब 40 आतंकी मारे गए….

कमांडोज ने PoK के अलग-अलग सेक्टर में 4 आतंकी ठिकाने पर एक साथ हमला बोला। इस कार्रवाई में करीब 38-40 आतंकी मारे गए थे। इन कैम्पों में आतंकियों की ट्रेनिंग होती थी। इसके बाद उन्हें घुसपैठ कर LoC क्रॉस कराया जाता था। बता दें कि उस वक्त पीओके में 42 आतंकी कैंप एक्टिव थे। जिस इलाके में स्ट्राइक हुई, वहां 11-12 कैंप थे। कार्रवाई में 4 को टारगेट किया गया।

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