सोंथलिया रेलवे स्टेशन का नाम नहीं बदला तो करेंगे चुनावों का बहिष्कार

राजस्थान के सीकर में रींगस के निकटवर्ती सोंथलिया रेलवे स्टेशन का नाम बावड़ी रखने की मांग, मौजूदा नाम से यात्री होते हैं परेशान.

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सीकर। रींगस के निकटवर्ती सोंथलिया रेलवे स्टेशन का नाम बावड़ी रखने की मांग को लेकर स्थानीय लोगों ने उच्चाधिकारियों को बार-बार विभिन्न माध्यमों के जरिये अवगत करवाया और मांग की कि मौजूदा नाम से यात्री होते है परेशान, इसलिए स्टेशन के नाम में परिवर्तन किया जावें, लेकिन उच्चाधिकारियों ने इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया। ग्राम पंचायत बावड़ी मुख्यालय पर सोंथलिया हाल्ट स्टेशन का नाम बावड़ी नहीं रखने पर यहां के ग्रामीणों खासे नाराज है, और उन्होंने यहां तक की चेतावनी दी कि यदि स्टेशन का नाम नहीं बदला गया तो आगामी चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा।

दरअसल जानकारी के लिए आपको बता दे कि आधे दर्जन से अधिक गावों के ग्रामीणों ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, रेलमंत्री, मुख्यमंत्री, क्षेत्रीय सांसद, क्षेत्रीय विधायक और डीआरएम को पत्र लिख मांग की कि जनता की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए सोंथलिया हाल्ट स्टेशन का नाम परिवर्तन कर बावड़ी रखा जाए, अन्यथा आगामी विधानसभा चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा। ग्रामीणों ने कहा कि उक्त अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को पहले भी इस संबंध में काफी बार ज्ञापन दिया गया था।

मोहनलाल सबल और कैलाश बाजिया ने बताया कि सोंथलिया हाल्ट स्टेशन से 4 किलोमीटर आगे बावड़ी ठिकरिया स्टेशन पड़ता है। बाहर से आने वाले यात्री बावड़ी के नाम से आते है लेकिन सोंथलिया स्टेशन पर इसलिए नहीं उतरते क्योंकि वे नहीं जानते कि यहीं बावड़ी है और 4 किलोमीटर आगे के बावड़ी ठिकरिया स्टेशन पर उतरने पर मालूम चलता है कि असल में सोंथलिया ही बावड़ी है। खाटूश्यामजी, माणा बाबा, सालासर बालाजी, बावड़ी के बालाजी सहित अन्य धार्मिक स्थलों पर आने-जाने के लिए दिनभर स्टेशन पर भीड़ लगी रहती है, लेकिन नाम की गफलत से यात्री परेशान होते रहते हैं।

स्टेशन पर पानी पीने के लिए नहीं, एक मय टंकी टूबवेल चाहिए…

ग्रामीणों ने बताया कि मीटर गेज के समय से भी स्टेशन पर पीने के पानी की व्यवस्था नहीं थी, अब रोडवेज के बाद भी स्टेशन पर पीने के पानी की स्थाई सुविधा नहीं हुई है. ऐसे में स्टेशन पर टुब्लेवेल मय टंकी का नवनिर्माण हो, अंडरपास में रात्रि के टाइम उजाला हो इसके लिए बिजली की व्यवस्था हो, स्टेशन पर रेलगार्डियों के आने-जाने की सुचना यात्रियों को समय पर मिले इसके liye आवश्यक यंत्र हो, जिससे किसी भी यात्री को स्टेशन पर कोई परेशानी ना हो. ग्रामीणों ने सीआरएस के निरक्षण करने आये डीआरएम को ज्ञापन दिया.

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