प्रसून जोशी के राजस्‍थान में घुसने पर बैन, सुप्रीम कोर्ट की ‘पद्मावत’ पर रोक लगाने वाली याचिका फिर खारिज

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दिल्‍ली – सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को फिल्‍म ‘ पद्मावत ‘ पर रोक लगाने की मांग को लेकर दाखिल हुई याचिका पर सुनवाई करते हुए इसे खारिज कर दिया। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति एएम खानविलकर और डी वाई चंद्रचूड़ ने इस प्रतिवेदन को भी खारिज कर दिया, कि फिल्म रिलीज किए जाने से जान-माल और कानून-व्यवस्था को गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।

पीठ ने वकील एमएल शर्मा द्वारा दायर ताजा याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए कहा- ‘कानून व्यवस्था कायम रखना हमारी जिम्मेदारी नहीं है। यह सरकार के जिम्मे का काम है। दरअसल पद्मावत को चार राज्‍यों(राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश और हरियाणा सरकार) ने प्रदर्शित करने से इनकार कर दिया था।

जिसके खिलाफ फिल्‍म ‘पद्मावत‘ के निर्माताओं ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सुप्रीम कोर्ट ने इस विषय पर तत्‍काल सुनवाई करते हुए आदेश दिया था, कि पद्मावत सभी राज्‍यों में रिलीज होगी। साथ ही चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली और न्यायमूर्ति एएम खानविलकर तथा न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने किसी भी अन्य राज्य को फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने वाला आदेश अथवा अधिसूचना जारी करने पर भी रोक लगा दी थी।

प्रसून जोशी को राजस्‍थान में घुसने नहीं देंगे…

पद्मावत पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बावजूद राजपूत समाज संगठन करणी सेना का उग्र प्रदर्शन और बयानबाजी जारी है। 25 जनवरी को परदे पर उतरने वाली फिल्‍म के विरोध में देशभर में हिंसा भड़काने के बाद अब इस संगठन ने सेंसर बोर्ड के चीफ प्रसून जोशी को धमकी दी है। करणी सेना के सुखदेव सिंह ने एक बयान में कहा कि वह प्रसून जोशी को राजस्थान में घुसने नहीं देंगे
फिल्म के अन्य निर्माताओं समेत वायकॉम 18 की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे और मुकुल रोहतगी ने पीठ को बताया कि राज्यों के पास फिल्म के प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाने जैसी ऐसी अधिसूचना जारी करने की कोई शक्ति नहीं है, क्योंकि केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड(सीबीएफसी) फिल्म की रिलीज के लिए प्रमाण पत्र जारी कर चुका है। मामले पर आगे की सुनवाई मार्च में होगी।

कानून व्यवस्था कायम रखना राज्यों का दायित्व…

इस फिल्म की कहानी 13वीं सदी में महाराजा रतन सिंह एवं मेवाड़ की उनकी सेना और दिल्ली के सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी के बीच हुए ऐतिहासिक युद्ध पर आधारित है। इस फिल्म में दीपिका पादुकोण, शाहिद कपूर और रणबीर सिंह ने अभिनय किया है। न्यायालय ने कहा था कि कानून व्यवस्था कायम रखना राज्यों का दायित्व है। साथ ही न्यायालय ने यह भी कहा कि इस दायित्व में फिल्म से जुड़े लोगों को, उसके प्रदर्शन के दौरान तथा दर्शकों को पुलिस की सुरक्षा मुहैया कराना शामिल है।

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