पीएम नरेंद्र मोदी की सभा में पहुंचने वाले लाभार्थियों को प्रशासन ने दिया शुद्दिकरण का मंत्र, “पहले नहाओं, फिर मोदी छाप सरकारी बेग ले जाओ”

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जयपुर। प्रदेश की राजधानी जयपुर के अमरूदों का बाग में 7 जुलाई को भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी की होने वाली सभा में केंद्र व राज्य सरकार की 12 योजनाओं को योजनाओं के लाभान्वितों को लाने ले जाने से लेकर उनकी मेहमानबाजी करने में आमजन के खून पसीने से कमाकर भरे टेक्स से करोड़ों रुपए खर्च किए जाएंगे। लाभार्थियों की मेहमान नवाजी के लिए सामान्य प्रशासन विभाग(जीएडी) ने सभी जिला कलेक्टरों को लिखे पत्र के मुताबिक उन्हें निर्देशित किया गया है कि जिन जिलों के लाभार्थी सभा प्रोग्राम दिन से 1 दिन पहले चलेंगे उनके लिए रास्ते में उनके लिए भोजन करवाने, सोने, नहलाने और उनको बेग देने का इंतजाम संबंधित जिला प्रशासन का होगा। यह आदेश मिलने के बाद जिला कलेक्टरों की मुसीबत ओर ज्यादा बढ़ गई है, क्योंकि अधिकत्तर जिलों के कई मार्गों पर काफी कम होटल, धर्मशाला और स्कूल में है, इसलिए वह अस्थाई इंतजाम की तैयारी में जुटे हुए है।

सैकड़ों वाहनों की सुरक्षित पार्किंग बानी मुसीबत…

एक साथ सैकड़ों की संख्या में वाहनों की पार्किंग करवाना भी जिला प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती भरी रहेगी। पीएम की सभा में आने वाले लाभार्थी को अच्छी गुणवत्ता वाले बैग दिया जाएगा। इसमें सरकार की योजनाओं की जानकारी देने वाली सामग्री सहित अन्य सामान भी होगा, जो लाभार्थी के काम आ सकेगा। लाभार्थी के लिए योजनाओं के अनुसार अलग-अलग रंग के पट्टे भी तैयार कराए है, जिसे लाभार्थी के गले में लटका कर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेंगे। सभी कलेक्टरों को पत्र लिखें बैग-पटटों का बजट सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय को उपलब्ध कराने की जानकारी दी है। इस पर करीबन डेढ़ से 2 करोड रुपए खर्च होने का अनुमान बताया जा रहा है। मेहमानों की तरह लाभार्थियों के भोजन खाने-पिने, सोने, ठहरने व नहाने की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए है।

विश्राम के लिए यहां बनाएंगे अस्थाई व्यवस्था…

जीएडी ने कलेक्टरों को लिखे पत्र में हिदायत दी की दूर-दराज से आने वाले सभी लाभार्थियों के विश्राम की व्यवस्था जयपुर के नजदीकी जिले सीकर, नागौर, दौसा, अजमेर, टोंक या इन जिलों के उपखंडों में की जाये। विश्रामस्थल पर प्रशासन की ओर से खाने, पिने, ठहरने और नहाने के पर्याप्त इंतजाम किये जायेंगे।

बॉर्ड पर चेक पोस्ट…

चुनावी सभाओं की तरह पीएम नरेंद्र मोदी की सभा के लिए सरकार ने सभी जिला कलेक्टरों को बोर्ड पर वाहनों और लाभार्थियों की संख्या जानने के निर्देशित किये है। और जिन उपखंडो में प्रशासन की लापरवाहीं से लाभार्थियों की संख्या काम रहेंगी वहां जिम्मेदार कार्यवाहीं भी हो सकती है। जनसंवाद कार्यक्रम के लिए जिला प्रशासन ने कलेक्ट्रट परिसर में 7 जुलाई तक नियंत्रण कक्ष भी बनाये है जहाँ से लगातार स्ट्रेटजी बनाई जा रही है और हर बारीकी पर नजर रखी जा रही है।

काम छोड़ प्रशिक्षण में जुटे जिला कलेक्टर…

प्रदेश के सभी ज़िलों के कलेक्टर इन दिनों अपने निजी काम धाम छोड़ कर पीएम मोदी की 7 जुलाई को होने वाली सभा में अधिक से अधिक लोगों को पहुंचने के लिए जोड़-तोड़ की गणित का ग्राप तैयार कर रहे है। सभी कलेक्टर इन दिनों केंद्र और स्टेट गवर्नमेंट की योजनाओं से लाभान्वित हुए सभी लोगो को पीएम मोदी की जयपुर सभा में भेजने की स्ट्रेटजी बंनाने में व्यस्त है। और उन्हें प्रशिक्षण दे रहे है की अगर पीएम मोदी आपसे कोई सवाल-जवाब करे तो स्टेट सरकार का गुणगान करते हुए किस लहजे से बात रखनी है।

कार्यक्रम में पल-पल की हलचल की सुर्ख़ियों की अपडेट को कैद करने के लिए सर्विलांस कैमरे लगवाए गए है। हाल ही में पिछले दिनों महिला दिवस पर प्रदेश के शेखावाटी अंचल के झुंझुनू में हुई पीएम मोदी की सभा में हुई नारेबाजी के मद्देनजर कार्यक्रम में आने वालों की मेहमान की तरह विशेष सेवा करने के साथ ही निगरानी रखी जाएगी।

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