बिना मान्यता के चल रहे स्कूलों की अब खैर नहीं – डीआईओएस

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ललितपुर(रिपोर्ट–अमित अग्रवाल) : जिला विद्यालय निरीक्षक वीरेंद्र कुमार दुबे ने जानकारी देते हुये बताया कि बिना मान्यता के चल रहे स्कूलों की अब ज्यादा खैर नही। इसके खिलाफ एक अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए टीमें गठित कर की प्रकिया शुरू कर दी गई है। टीम में राजकीय कॉलेज के प्रधानाचार्य एवं सहायक अध्यापकों को शामिल किया गया है। टीम ऐसे स्कूलों को चिन्हित कर इसकी रिपोर्ट जिला विद्यालय निरीक्षक को सौंपेगे, इसके बाद इस पर कार्रवाई होगी। जिला विद्यालय निरीक्षक ने लोगों से फिर अपील की है कि वह अपने क्षेत्र में बिना मान्यता के संचालित स्कूलों की फोटो के साथ जानकारी उपलब्ध कराएं।

इस हेतु मुख्यालय स्तर पर एक शिकायत प्रकोष्ठ भी बनाया जाएगा। जिसमें अमान्य विद्यालयों के संबंध में शिकायतें दर्ज की जाएंगी। जांच कमेठी का गठन तहसील स्तर पर किया गया है। सदर तहसील में राजेन्द्र कुमार त्रिपाठी, प्रधानाचार्य, रा.इं.का., अमित शुक्ला प्रवक्ता रा.इं.का., श्रीमती पूनम मलिक प्रधानाचार्या रा.बा.इं.का., श्रीमती शिप्रा श्रीवास्तव सहायक अध्यापिका रा.बा.इं.का., तहसील तालबेहट में श्रीमती अंजना वर्मा प्रधानाचार्या रा.बा.इं.का., श्रीमती रत्ना पल्लवी सहायक अध्यापिका रा.बा.इं.का., रामबृजराम प्रधानाचार्य रा. इं.का. माताटीला, दिनेश शर्मा सहायक अध्यापक रा.हा. कुम्हैडी, तहसील महरौनी में श्रीमती गीता सोनी प्रधानाचार्या रा.बा.इं.का., श्रीमती शीलम गुप्ता प्रधानाध्यापिका रा.हा. कुम्हैडी, जलील खां प्रधानाध्यापक रा. हाईस्कूल वीर, गोविन्द सिंह राजपूत स.अध्यापक, रा.हा. कुम्हैडी, तहसील पाली में श्रीराम समाधिया प्रधानाध्यापक रा.हा. दुधई, श्रीमती मनीषा जैन प्रधानाध्यापिका रा.हा. सिंगेपुर, कृष्ण कुमार भार्गव प्रधानाध्यापक, रा. हा. दावनी एवं तहसील मडावरा में उमेश कुमार त्रिपाठी प्रधानाध्यापक, रा.हा. सिमिरया, श्रीमती नीरज दोहरे प्रधानाध्यापिका, राजकीय हाईस्कूल रमगढा, अजीत प्रकाश आनंद प्रधानाध्यापक, रा.हा. नैनवारा को नामित किया गया है।

जांच समिति का दायित्व होगा कि वह अपने क्षेत्र में अमान्यता प्राप्त विद्यालयों की जांच कर फोटोग्राफ सहित रिपोर्ट कार्यालय में उपलब्ध करायेंगे जिसके आधार पर विधिक कार्यवाही की जायेगी। जिला विद्यालय निरीक्षक वीरेन्द्र कुमार दुबे ने कहा कि अभिभावकों को अपने बच्चों का एडमीशन कराने से पूर्व विद्यालय की मान्यता के बारे में पता लगा लेना चाहिए यदि अमान्य विद्यालय में वह अपने बच्चों का प्रवेश कराते हैं तो उसके लिए वह स्वयं उत्तदायी होंगे साथ ही बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड होगा।

सभी मान्यता प्राप्त विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को भी निर्देशित किया जाता है कि अपने निकटतम क्षेत्र में यदि अमान्यता प्राप्त विद्यालय संचालित हो जो अभिभावकों को गुमराह कर छात्र-छात्राओं के प्रवेश कर रहे हैं तो उसकी सूचना लिखित रूप में अधोहस्ताक्षरी कार्यालय को प्राप्त करायें। जनपद में यदि अमान्यता प्राप्त विद्यालय चलता हुआ पाया गया तो संबंधित के खिलाफ विधिक कार्यवाही अमल में लायी जायेगी।

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