ऑक्सीजन सप्लाई दुरुस्त करने के बजाए अपनी खामियों को छिपाने में लगी सरकार।

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कोरोना महामारी के फैलते तांडव से हर कोई अवगत है। कई लाख लोग हर रोज इस महामारी की बली चढ़ रहे हैं। असंख्य लोग इससे पीड़ित हैं एवं कई करोड़ों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। हर रोज हो रही मौत विश्व भर में रिकॉर्ड तोड़ती जा रही हैं।

कोरोना महामारी से हो रही मौतों का प्रमुख कारण ऑक्सीजन सप्लाई की कमी है। देश भर में लाखों लोग अपने जीवन के अखरी दिन केवल ऑक्सीजन की कमी के कारण भुगत रहे हैं। सरकार और सरकार से जुड़े लोग अपनी खामियों को छिपाने की भरपुर कोशिश में जुटे हैं, उनके लिए सरकार बचाना किसकी जान बचाने से ज्यादा आवश्यक है।

सरकारी रेलीयों के कारण संक्रमण अपनी सीमाएं पार कर रहा है। नेता अपने व्यक्तिगत स्वार्थ हेतु अपने पद की शक्ति का जन साधारण को अपनी पार्टी को मत देने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। जब की यह समय एक जुट होकर इस समस्या के निवारण हेतु उपाय ढूंढने का है। ऑक्सीजन सप्लाई को बढ़ाने एवं उसके हर छोटे बड़े क्षेत्र तक पहुंचाने का दायित्व उठाने का समय सरकार अपनी गलत नीतियों को छिपाने में व्यर्थ कर रही है।

ऑक्सीजन हर शरीर की जरूरत है किंतु आज लोगों को इस आवश्यकता की पूर्ति के लिए भी कई घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। कहीं कहीं तो हालात इतने खराब हैं कि, लोगों तक ऑक्सीजन सप्लाई कई दिनों तक हो ही नहीं पा रही। ऐसे समय में देश के नेता ऑक्सीजन सप्लाई से जादा अपनी पार्टी के लिए मत इक्कठा करने मे रुची रखते हैं।

लोगों का गुस्सा सोशल मिडिया में हैशटैग एवं सरकार विरोधी पोस्ट द्वारा प्रदर्शित हो रहा है।

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