राजस्थान राज्य अभिलेखागार ने होम डिलीवरी के लिए बनाया मोबाइल एप्प, कोरोना संक्रमण की रोकथाम में मददगार साबित होगा

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बीकानेर(27मार्च): विश्व स्वास्थ्य संगठन तथा संयुक्त राष्ट्र द्वारा कोरोना संक्रमण को महामारी घोषित करने तथा इसे रोकने के लिए केंद्र व राज्य सरकार की ओर से लाॅक डाउन की घोषणा के बाद आम जनता को राशन सहित अन्य आवश्यक सामग्री की परेशानी ना हो, इसके लिए राजस्थान राज्य अभिलेखागार की ओर जिला कलेक्टर के कहने पर ‘‘हेल्पिंग हैंड बीकानेर’’ एप्प बनाई गई है।

21दिवस के देशव्यापी लॉक डाउन के अवसर पर आम जनता को घर बैठे परचून सामान, डेयरी का सामान, मेडिसिन शॉप इत्यादि की बीकानेर जिले के 80वार्डस के वार्ड के अनुसार दुकानों, जनता की सहायता के लिए सोशल वर्कर, सामाजिक संस्थाओं का एप्प 24घण्टो में तैयार कर जिला कलेक्टर, बीकानेर को सौप दिया। बीकानेर की जनता किसी भी दुकानदार या सामाजिक कार्यकर्ता को फोन कर अपने घर पर कोई भी दैनिक आवश्यकता की वस्तु मंगवा सकते हैं। लाॅक डाउन की स्थिति में यह एप्प आमजन के लिए मददगार साबित होगी। राजस्थान राज्य अभिलेखगार इससे पहले भी डिजिटल तकनीक में अपना लौहा दुनियाभर में मनवा चुका है, जिसमें रियासतकालीन दस्तावेज व पटटों के डिजिटलाइजेशन का काम प्रमुख है।

जरुरत का सामान मिलेगा “हेल्पिंग हैंड बीकानेर” पर…

राजस्थान राज्य अभिलेखागार के निदेशक डॉ महेद्र खड़गावत ने बताया कि शहरी क्षेत्र में कंही से एंड्रॉयड एप्प ‘‘हेल्पिंग हैंड बीकानेर’’ की मदद से घरेलू जरुरत का सामान उचित दर पर आर्डर किया जा सकेगा। इसमें राशन सामग्री, मेडिसिन, डेयरी उत्पाद को शामिल किया गया है। इसके साथ इसमें सर्च का ऑप्शन भी दिया गया है, जिसमें जरुरत के हिसाब से सर्च किया जा सकेगा। एप्प के जरिए वार्ड वार प्रमुख जनरल स्टोर, उनके संचालकों के नाम तथा मोबाइल नम्बर उपलब्ध करवाए गए हैं। कोई भी व्यक्ति व्हाट्सऐप या फोन के जरिए जनरल स्टोर संचालक से बात कर अपनी आवश्यकतानुसार सामान लाने के लिए होम डिलीवरी की सुविधा का प्रयोग कर सकता है। इसमें आर्डर करने के बाद सामान की डिलिवरी के दौरान उपभोक्ता को आर्डर के सामान का भुगतान करना होगा। एप्प की भाषा व सामान की सूची साधारण भाषा में तैयार की गई है, जिसेे कोई भी आसानी से हैंडल कर सकेगा और सुझाव भी दे सकेंगे।

डॉ खड़गावत ने बताया कि इस एप्प में सुझाव का भी आप्शन दिया गया है, जिसके माध्यम से कोई भी दुकानदार और ग्राहक दोनों ही सुझाव दे सकेंगे, और यदि कोई आवश्यक सामग्री वहां पर लिस्टेड नहीं है तो वह भी इसमें जुड़वा सकेंगे। वहीं यदि दुकानदार अपनी दुकान को भी इसमें लिस्टेड करवाना चाहे तो वे भी करवा सकतें है। इसमें शहर के सामाजिक संगठन, पार्षद, राजनैतिक व अन्य जानकारियां फोन नंबर सहित आमजन की सहायता के लिए दी गई है।

एक दिन में तैयार हुई एप्प

उन्होने बताया कि राजस्थान में इस तरह की यह पहली एप्प है, जिसे राजस्थान राज्य अभिलेखगार ने तैयार करवाया है। इसे तैयार करने में मात्र एक दिन का समय लगा है। अभिलेखागार के निदेशक डॉ खड़गावत बतातें है कि अभिलेखागार में 1953 से पहले के 1करोड़ 30लाख रियासतकालीन दस्तावेज का डिजिटलाइजेशन करवाकर उसे ऑनलाइन कर दिया गया है। इसमें रियासतों के प्रमुख दस्तावेज व बीकानेर रियासत के पटटे भी शामिल है।
उन्होंने बताया कि इस एप्प से शहर में लोग दुकानों पर नहीं पहुचेंगे, और उन्हें उचित दाम पर घर के पास ही सामान मिल सकेगा। इससे कोरोना संक्रमण का खतरा भी कम होगा। इस स्थिति में यह एप्प शहर के लोगों व जिला प्रशासन के लिए मददगार साबित हेागी।

जिला कलेक्टर, बीकानेर कुमार पाल गौतम, निदेशक, राजस्थान राज्य अभिलेखागार डॉ महेन्द्र खड़गावत एंव नगर निगम आयुक्त खुशाल यादव की मौजूदगी में यह एप्प लांच किया गया।

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