राजस्थान इलेक्शन: व्हिप जारी करेगी कांग्रेस, अनुशासन बिगड़ते ही सदस्यता समाप्त का खतरा!

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जयपुर: प्रदेश में तीन सीटों के लिए होने वाले राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी अपने विधायकों के लिये व्हीप जारी करेगी। व्हीप में साफ होगा कि अगर किसी ने उल्लघंन किया तो उसकी सदस्यता रद्द हो जाएगी। यानि अनुशासन बनाये रखना ही व्हीप का असली मकसद होता है। इतिहास गवाह है कि गुजरात में बीते राज्यसभा चुनावों में अहमद पटेल तभी जीते थे, जब उन्हीं के पार्टी के 2 विधायकों को जनप्रतिनिधि कानून के दायरे में लाया गया।

चुनाव बेहद दिलचस्प: बता दे कि राजस्थान में 3 सीटों पर राज्यसभा चुनाव में चुनाव होने है, तो इस चुनावी समर में उम्मीदवार उतरे है 4, दो कांग्रेस के और दो बीजेपी के… लिहाजा चुनाव बेहद दिलचस्प है। सत्ताधारी दल कांग्रेस जीत के प्रति आश्वस्त है, लेकिन फिर भी वह कोई जोखिम मोल नहीं लेना चाहती। लिहाजा कांग्रेस विधायक दल की ओर से अपने सभी 107 विधायकों के लिए व्हिप जारी किया जाएगा। इसे मानना विधायकों के लिये अनिवार्य होगा। वैसे तो कांग्रेस विधायक दल के अंदर क्रास वोटिंग की संभावना अभी नजर नहीं आ रही, लेकिन राजनीति में कु़छ कहा नहीं जा सकता है, आइये पहले आपको बता देते है कि व्हिप क्या होता है…

-व्हिप के मायने—
-व्हिप का उल्लंघन दल बदल विरोधी अधिनियम के तहत माना जा सकता है,
-उल्लंघन पर सदस्यता रद्द कर दी जा सकती है,
-व्हिप 3 तरह के होते हैं— एक लाइन का व्हिप, 2 लाइन का व्हिप और 3 लाइन का व्हिप,
– इन तीनों व्हिप में 3 लाइन का व्हिप अहम माना जाता है, इसे कठोर कहा जाता है,
– इसका इस्तेमाल सदन में अविश्वास प्रस्ताव जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर बहस या वोटिंग में किया जाता है,
– यदि किसी सदस्य ने इसका उल्लंघन किया तो उसकी सदस्यता खत्म होने का भी प्रावधान है,
– व्हिप के मुताबिक राज्यसभा चुनाव में ओपन बैलेट के तहत मतदान प्रक्रिया होती है,
– किसी भी दल के विधायक को उसकी पार्टी के एंजेट को दिखाकर ही मत देना होता है ऐसा नहीं होने पर वोट अमान्य हो सकता है।

अदालत के महत्वपूर्ण निर्णय के अनुसार संसदीय परम्पराओं को अक्षुण्ण बनाये रखने के लिये व्हिप का प्रावधान है जिसके तहत क्रास वोटिंग को रोका जा सके और पार्टी के आदेश का विधायक अनुशासित होकर पालन करे, हार्स ट्रैडिंग को प्रोत्साहन नहीं मिले। राजस्थान में कांग्रेस पार्टी ने दो उम्मीदवारों को चुनावी समर में उतारा है के सी वेणुगोपाल और नीरज डांगी। इन्हें 13 निर्दलीय, 2 सीपीएम, 2 बीटीपी, 1 आरएलडी के वोटों की उम्मीद है. इस गणित के लिहाज से तो कांग्रेस को 3 में से 2 सीटें मिलना तय है. फिर भी सियासत आखिर सियासत ही है।

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