भारत के अदानी पोर्ट का एस्एंडपी इंडेक्स से हटाया गया।

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भारत की सबसे बड़ी निजी मल्टी पोर्ट ऑपरेटर कंपनी अदानी पोर्ट एंड स्पेशल इकॉनामिक जोन लिमिटेड (पूर्व मे (मुंद्रा पोर्ट एंड स्पेशल इकॉनामिक जोन लिमिटेड) भारत में विस्तारित होने के बाद अदानी ग्रुप अपने पांव दूसरे देशो में भी फैलाना शुरू कर दिया है। हाल ही में अदानी पोर्ट ने म्यांमार के मुख्य शहर यांगून में बंदरगाह को विकसित करने के लिए म्यांमार की सेना के साथ एक करार किया। अदानी पोर्ट ने यांगून में सैन्य समर्थित आर्थिक निगम से लीज पर ली गई भूमि पर एक बंदरगाह का विकास कर रहा है। एक बयान के अनुसार कथित व्यापारिक संबंधों के कारण गुरुवार 15 अप्रैल को बाजार खुलने से पहले इसे एस् एंड पी डॉव  जोन्स् इंडेक्स से हटा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अदानी पोर्ट एंड स्पेशल इकॉनामिक जोन लिमिटेड म्यांमार सेना के साथ व्यापारिक संबंधों के कारण कम्पनी को सूचकांक से हटा रहे है। ज्ञातव्य रहे कि इस साल म्यांमार मे तख्तापलट के बाद  सेना पर मानव अधिकार के हनन का भी आरोप है।

आंग सान सू की के नेतृत्व वाली निर्वाचित सरकार को बर्खास्त करने के बाद 1 फरवरी से म्यांमार में सैन्य हमले में 700 से अधिक लोग मारे गए हैं। ऐसे में अदानी ग्रुप  का म्यांमार सेना से हाथ मिलाना उचित नहीं है।ऑस्ट्रेलिया के ए बी सी न्यूज़ चैनल ने यह बताया कि कुछ दिन पहले अदानी ग्रुप के म्यांमार सेना के साथ हुए इस संबंध की रिपोर्ट के मुताबिक  अदानी ग्रुप ने मिलिट्री के साथ यांगून शहर में एक बंदरगाह तैयार करने की डील की है। इस करार का उद्देश्य बंदरगाह को विकसित करना हैं, अदानी पोर्ट, म्यांमार इकॉनामिक कॉरपोरेशन को लैंड लीज के तौर पर 30 मिलियन डॉलर दे रहा है |यांगून रीजन इन्वेस्टमेंट कमीशन की तरफ से लिक डॉक्यूमेंट के हवाले से कहीं यह खबर है |इस पूरी डील की कीमत 52 मिलियन डॉलर बताई जा रही है।इसमें बाद में 22 मिलियन डॉलर मिलने की बात कही गई है।

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